लोकतंत्र में कोई भी नेता नहीं होता

जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 वो अधिनियम है जो संसद के सदनों और प्रत्येक राज्य के विधानमंडल के सदन अथवा सदनों के लिए चुनाव कराने , उन सदनों की सदस्यता के लिए योग्यता और अयोग्यता का निर्धारण करने , ऐसे चुनावों में या उनके संबंध में भ्रष्ट आचरण और अन्य अपराधों की परिभाषा तय करने और ऐसे चुनावों से उत्पन्न या उनके संबंध में विवादों के समाधान का प्रावधान करता है। भारत के पहले क़ानून मंत्री और देश के संविधान निर्माता डॉ. बीआर अंबेडकर ने इस अधिनियम को संसद में पेश किया था । यह अधिनियम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 327 के तहत अंतरिम संसद द्वारा पहले आम चुनाव से पहले अधिनियमित किया गया था ।

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