भिलाई तीन थाना क्षेत्र अंतर्गत पथर्रा के खेत में मिली अधजली लाश की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। हाथ में बने टैटू के माध्यम से मृतक की पहचान रॉकी लांजेवर के रूप में हुई थी। मृतक पावर हाउस में प्रोजेक्ट ऑटोमोबाइल के समीप का रहने वाला था टैटू के आधार पर पुलिस ने जब हत्या की गुत्थी को सुलझाया तो इस मामले में आरोपीऔर कोई नहीं मृतक का दामाद उसकी बेटी ही निकले। वही शव को ठिकाने लगाने में मृतक की पत्नी ने भी साथ दिया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गौरतलब है कि पथर्रा के खेत में अधजली लाश मिलने की सूचना पुलिस को प्राप्त हुई थी जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हत्या कहीं और कर उसकी शिनाख्त को छिपाने मृतक के चेहरे को जला दिया गया था। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की पताशाजी को लेकर लगाया गया था। मृतक के शव से कुछ ही दूर पुलिस ने किसी बड़े वाहन के निशान को देखा था। इसके बाद पुलिस ने पूरे क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरा को खंगाला सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन करने के बाद पुलिस ने एक संदिग्ध आयशर वाहन की तलाश की इस दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि मृतक के दामाद दुलाएंश गजभिए को घटना की रात संदेही वाहन में देखा गया था। पुलिस ने जब दुलयांश गजभिये को पड़कर पूछताछ की तो उसने पूरी सच्चाई पुलिस के सामने रख दी। आरोपी ने बताया कि मृतक राकी लांजेवर उसका ससुर था आए दिन शराब के नशे में उसे और उसकी पत्नी सृष्टि गजभिये को पुराने केस में समझौता करने के लिए धमकाते रहता था। घटना की रात भी मृतक उसे और उसकी पत्नी को शराब के नशे में गाली बक रहा था और पुराने केस को वापस लेने जिद कर रहा था। इस बात से नाराज होकर दामाद ने अपने ससुर पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई इसके बाद आरोपी दामाद अपने आईसर वाहन से कैंप एक जलेबी चौक स्थित अपनी सास मोहनी लांजेवर के पास पहुंचा और उसे पूरी घटना बताते हुए शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। इसके बाद सभी ने मिलकर शव को कपड़े चटाई में लपेटा और आयशर वाहन में शव को लेकर पथर्रा के खेत पहुंचे और वहां उसे जला दिया।

