उत्तर प्रदेश के नोएडा में हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ की टीम ने अपना बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ का परचम लहरा दिया है और इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ढेर सारे मेडल जीतकर बुधवार को छत्तीसगढ़ की टीम दुर्ग रेलवे स्टेशन पर पहुंची जहां स्मृति नगर के रह वासियों ने ढोल नगाड़े बजाकर फूल माला और गुलदस्तों के साथ टीम का स्वागत किया इसमें विशेष बात यह रही की स्मृति नगर निवासी बलजीत सिंह और हरप्रीत कौर की एक बेटी जसमीत कौर ने अकेले जिमनास्टिक के खेल में पांच स्वर्ण पदक जीतकर एक रिकॉर्ड बना दिया और दुर्ग रेलवे स्टेशन पर उनके परिवार सहित स्मृति नगर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष राजीव चौबे और क्षेत्र के रहवासियो के साथ सिख समाज के प्रतिनिधि भी अपने क्षेत्र की स्टार खिलाड़ी का दिल से स्वागत किया उसके साथ-साथ इस टीम में गए प्रशिक्षकों एवं अन्य खिलाड़ियों का स्वागत सम्मान भी फूलमालाओं और गुलदस्तों के साथ किया गया जिसे देख पूरी टीम अपने थकान को भूल गई और ढोल की थाप पर खूब नृत्य किया इस उपलब्धि के लिए जिम्नास्ट के खिलाड़ी जगमीत कौर के माता-पिता दादी ने पूरी टीम को डॉन आशीर्वाद और बधाइयां दी है साथ ही टीम के साथ गई हुई प्रशिक्षकों ने भी टीम की उपलब्धि को अप्रत्याशित जीत बताया है साथ ही स्मृति नगर गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष राजीव चौबे का हृदय से आभार भी जाते क्योंकि उन्होंने अपने क्षेत्र में जिमनास्टिक खेल के लिए व्यापक प्रबंध कर रखा है जहां जगमीत कौर प्रशिक्षण प्राप्त करके इस खेल में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए खूब पसीना बहाया करती है जिसका परिणाम आज आप लोगों के सामने है वही जगमीत कौर एवं अन्य खिलाड़ियों ने भी इस राष्ट्रीय प्रतियोगिता के दौरे को ऐतिहासिक बताया है जगमीत कौर ने यह भी बताया की स्मृति नगर में बनाए गए जिमनास्टिक प्रशिक्षण के केंद्र में उच्च स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त हो रहा है जिसकी वजह से उन्होंने यह कारनामा कर दिखाया है दुर्ग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 शुरू हुआ उत्साह का उन्माद रेलवे स्टेशन के बाहर भी साफ दिखाई दिया जहां जगमीत कौर को लेने आए पारिवारिक सदस्य एवं मित्र गणों के अलावा सिख समाज के सदस्यों ने भी जमकर नृत्य किया उसके बाद दुर्ग रेलवे स्टेशन से सभी का अभिवादन करते हुए जगमीत कौर अपने पारिवारिक सदस्यों इस मित्रों एवं सिख समाज के सदस्यों के साथ दुर्ग स्थित गुरुद्वारा गुरु सिंह सभा के लिए रवाना हो गई जहां गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेकने के बाद वे घर पहुंची गुरमीत की यह उपलब्धि आज पूरे देश में छत्तीसगढ़ का वर्चस्व स्थापित कर चुकी है और जिमनास्टिक जैसे विदेशी खेलों में भी अपना लोहा राष्ट्रीय स्तर पर मनवा चुकी है वह दिन दूर नहीं जब गुरमीत कौर इस खेल को लेकर भारत देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर करेगी।

