दुर्ग से इस वक्त एक बेहद गंभीर और संवेदनशील खबर सामने आ रही है।
सेक्टर-5 में 1 जनवरी को हुए हादसे में घायल युवक की आज इलाज के दौरान मौत हो गई।
मृतक रायपुर नाका क्षेत्र का रहने वाला था और पार्टी आयोजनों में खाने का ठेका लेने का काम करता था।
परिजनों के मुताबिक, हादसे के बाद युवक को तत्काल हाईटेक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां वह लगातार कोमा की स्थिति में था।
पांच दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद, आज 5 जनवरी की दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद अब परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
परिजनों का कहना है कि इलाज के नाम पर रोजाना हजारों रुपये की दवाइयां बाहर से मंगवाई जाती रहीं।
जब डॉक्टर ने दवा बदलने की सलाह दी और पुरानी दवाइयों को वापस करने की बात आई, तो 24 हजार रुपये की दवाइयों को महज 600 रुपये में वापस लेने की बात कही गई।
इतना ही नहीं, परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि इलाज के लिए डॉक्टर समय पर नहीं पहुंचे, जिससे मरीज की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।
मौत के बाद हालात और भी तनावपूर्ण हो गए, जब परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल द्वारा डेड बॉडी देने के बदले 500 रुपये की मांग की गई।
इन आरोपों के बाद अस्पताल परिसर में भारी हंगामा मच गया है।
सैकड़ों की संख्या में परिजन, रिश्तेदार और मृतक के दोस्त मौके पर मौजूद हैं और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जाहिर कर रहे हैं।
मामले की सूचना मिलते ही स्मृति नगर चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई है और स्थिति को संभालने का प्रयास किया जा रहा है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है और परिजनों के आरोपों की तस्दीक की जा रही है।

