सांप काटने के बाद घबराहट से शरीर में फैलता है जहर

भिलाई।कलेक्टर दुर्ग अभिजीत सिंह के आदेशानुसार नगर पालिक निगम भिलाई के सभागार में अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में राष्ट्रीय आपदा मोचन बल का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। उददेश्य था कि निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अप्रत्याशित रूप से आए आपदा के समय किस प्रकार से प्रारंभिक बचाव किया जाना चाहिए। जैसे आगजनी, दुर्घटना, हार्ट अटेक, पानी में डूबना, लू लगना ऐसे समय में कैसे बचाव करना चाहिए। प्रशिक्षण में बताया गया कि अगर किसी को हृदय घात के लक्षण दिखे तो सीपीआर कैसे देना चाहिए उन्हे सर्वप्रथम देखना कि गले के नीचे सांस चल रही है कि नहीं। यदि नहीं चल रही है तो उसे मुंह से सांस देने की प्रक्रिया, किस प्रकार से इंसान को लेटाकर छाती के नीचे हाथों से 30-30 बार दबाना इस प्रकार कुल 5 बार दबाना चाहिए। जिससे व्यक्ति के होश में आने की संभावना बढ़ जाती है, उसके बाद तुरंत डाॅक्टर को बुलाना चाहिए। प्रारंभिक उपचार कर देने से जीवन बचने की संभावना बढ़ जाती है। इसी प्रकार यदि दुर्घटना हो जाए तो कहीं से खून बह रहा है तो उसे साफ कपड़े से डेटाल, साबुन जो भी उपलब्ध हो उससे अंदर से बाहर के तरफ साफ करके कपड़े से दबा देना चाहिए। उससे भी न रूके तो और कपड़ा लगाकर पटटी बांध देना चाहिए।
घर में यदि एलपीजी सिलेण्डर में आग लगे तो घबराना नहीं चाहिए। घर में कंबल को गीला करके ढक देना चाहिए। सांप, कुत्ते के काटने पर घबराना नहीं चाहिए, लगभग 11 प्रकार के सांपो की प्रजाती होती है उसमें 2 प्रजाती के सांप ही जहरीले होते है, घबराहत से इंसान को ज्यादा नुकसान होता है। झाड़ फूक, बैगा आदि से बचना चाहिए। घबराहत से ही जहर फैलता है।
प्रशिक्षण राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के एसआई विकास शर्मा, हेड कांस्टेबल के मधुसुदन, आसदीप त्रिपाठी, दीपक कृष्ण कुमार द्वारा प्रदान किया गया। कर्मचारियो से प्रेक्टीकल भी करवाया गया। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने कहा यह शिविर सबके लिए उपयोगी है, समाधान शिविर के दौरान नागरिको के बीच भी यह शिविर करवायेगे।

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