रोज़ की गिनती में नहीं है सी बी आई की ये दबिश !बड़े बड़े चेहरे गंभीर संकट में ।नपना तय !

महादेव बुक ऑनलाइन सट्टेबाजी घोटाले की जांच में, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) आज छत्तीसगढ़, भोपाल, कोलकाता और दिल्ली में 60 स्थानों पर दबिश दी , जिसमें राजनेताओं, वरिष्ठ नौकरशाहों, पुलिस अधिकारियों, महादेव बुक के प्रमुख पदाधिकारियों और मामले में शामिल होने के संदिग्ध अन्य निजी व्यक्तियों से जुड़े परिसर शामिल हैं। यह मामला महादेव बुक के अवैध संचालन से जुड़ा है, जो रवि उप्पल और सौरभ चंद्राकर द्वारा प्रवर्तित एक ऑनलाइन सट्टेबाजी मंच है, वर्तमान में ये दोनों दुबई में रहते हैं। जांच से पता चला है कि प्रमोटरों ने अपने अवैध सट्टेबाजी नेटवर्क के सुचारू और निर्बाध संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कथित तौर पर लोक सेवकों को “सुरक्षा धन” के रूप में बड़ी मात्रा में भुगतान किया।
प्रारंभ में आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) रायपुर द्वारा पंजीकृत इस मामले को बाद में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वरिष्ठ सार्वजनिक अधिकारियों और अन्य आरोपी व्यक्तियों की भूमिका की व्यापक जांच के लिए सीबीआई को स्थानांतरित कर दिया गया था।
उसके बाद सी बी आई द्वारा आज महादेव ऑनलाइन सट्टे के प्रकरण में पूरे देश में में जिन साठ ठिकानों पर दबिश दी उसमें पूर्व मुख्य मंत्री भूपेश बघेल , भिलाई विधायक देवेंद्र यादव , भूपेश बघेल के मित्र और सलाहकार विनोद वर्मा , उनके दो पूर्व ओ एस डी आशीष वर्मा और मनीष बनचोर के अलावा वरिष्ठ आई ए एस अनिल टुटेजा , आई पी एस अधिकारी आई जी डॉ आनंद छाबड़ा , आई जी आरिफ शेख, एस पी अभिषेक पल्लव , एस पी प्रशांत अग्रवाल , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजय ध्रुव , अभिषेक माहेश्वरी । आरक्षक अमित दुबे , नकुल और सहदेव के निवास शामिल हैं ।

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