भिलाई में 15 मेगावाट फ्लोटिंग सौर संयंत्र का शुभारंभ

भिलाई में मंगलवार को छत्तीसगढ़ के ऊर्जा इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया।
सेल और एनटीपीसी के संयुक्त उपक्रम एनएसपीसीएल ने भिलाई इस्पात संयंत्र के मरोदा-1 जलाशय में 15 मेगावाट क्षमता का फ्लोटिंग यानी तैरता हुआ सौर विद्युत संयंत्र स्थापित किया है।
111 करोड़ से अधिक की लागत से निर्मित यह संयंत्र 80 एकड़ जल क्षेत्र में फैला है और हर साल लगभग 34 मिलियन यूनिट स्वच्छ ऊर्जा का उत्पादन करेगा।
इसका उपयोग भिलाई इस्पात संयंत्र की आंतरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में होगा, जिससे हर वर्ष 28 हज़ार 400 टन कार्बन डाईऑक्साइड उत्सर्जन में कमी और लगभग 23 हज़ार टन कोयले की बचत होगी।
शुभारंभ अवसर पर मुख्य अतिथियों ने पूजा-अर्चना कर शिलापट्ट का अनावरण किया, आकाश में गुब्बारे छोड़े और वृक्षारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
इस परियोजना की परिकल्पना एनएसपीसीएल के निदेशक राजीव पांडेय ने की थी, जिसे तात्कालीन निदेशक डॉ. अशोक कुमार पंडा की स्वीकृति के बाद साकार किया गया।
मेसर्स माधव इंफ्रा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड और क्वांट सोलर के सहयोग से तैयार यह सौर संयंत्र जल वाष्पीकरण को कम करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार भी उपलब्ध कराएगा।

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