आस्था संस्था के संचालक प्रकाश गेडाम ने एक बेसहारा 75 वर्षीय माता को जिसका पैर टूट गया उन्हें अपने आश्रम में सहारा दिया है। श्रीमती शकुंतला गौड़ 75 वर्षीय माताजी बक्सर जिला बिहार में ग्रामीण इलाके की रहने वाली है जिनका किसी दुर्घटना में पैर फैक्चर हो गया हड्डी टूट गई थी। वृद्धा दर-दर भटक रही थी घर परिवार के सदस्य देखने में नहीं आ रहे थे देखभाल के लिए कोई सामने नहीं आ रहा था।ऐसे में उनकी देखभाल करने घर में रखने के लिए और हॉस्पिटल में दिखाने के साथ भोजन पानी के लिए किसी सज्जन को दया आ गई उन्हें लगा कि प्रकाश गेडाम अपने आश्रम में इनको सहारा दे सकतें हैं मुझे जब उन्होंने प्रकाश को फोन किया वृद्धा की हालत जानकर प्रकाश ने कहा कि माता जी को पहले लेकर आ आओ इस प्रकार की हमने कई माताओ को अपने आश्रम में सहारा दिया है इसके बाद वह सज्जन माताजी को ट्रेन में बिठाकर आश्रम लेकर आए आश्रम में आने पर प्रकाश ने माताजी को आश्रम में स्थान दिया। प्रकाश ने बताया कि मेरी माताजी का घुटना खराब हो गया है चल नहीं पाती है तो उन्होंने अपनी ओर साड़ियां शॉल पेटिकोट और कपड़े दिए। उन्होंने कहा कि माताजी आश्रम में आकर बहुत खुश है और कहीं जाना नहीं चाहती है इनको मालूम है इनका परिवार कहां है किस जगह पर है लेकिन परिवार ने संकट आने पर सहारा नहीं दिया उनका मन उतर गया है। आश्रम में अब वह हमारी माताजी बनकर रह रही हैं।

