प्रधानमंत्री मोदी ने किया छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस के अवसर पर आज रायपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के रजत महोत्सव का उद्घाटन किया।
इस मौके पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के पांच हितग्राहियों को घरों की चाबियां सौंपी और छत्तीसगढ़ की जनता को विकास की नई गारंटी दी।

भाषण की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने छत्तीसगढ़ी भाषा में जनता का अभिवादन करते हुए कहा —
“जम्मो भाई-बहनी, लइका, सियान मन ल हाथ जोड़ के जय जोहार।”
प्रधानमंत्री के इस संबोधन से पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

मोदी ने कहा कि आज का छत्तीसगढ़, नक्सलवाद के आतंक से मुक्त होने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा — “कुछ लोग संविधान की किताब हाथ में लेकर दिखावा करते हैं, लेकिन जनता के साथ छलावा करते हैं। सामाजिक न्याय के नाम पर घड़ियाली आंसू बहाते हैं, जबकि दशकों तक उन्हीं लोगों ने छत्तीसगढ़ की जनता के साथ अन्याय किया।”

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार ने
गरीब की दवाई, गरीब की कमाई, गरीब की पढ़ाई और गरीब की सिंचाई
इन चारों बुनियादी ज़रूरतों पर विशेष ध्यान दिया है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अब लोकतंत्र का नया मंदिर — नई विधानसभा मिल रही है।
इससे पहले उन्हें एक जनजातीय संग्रहालय को राष्ट्र को समर्पित करने का अवसर भी मिला।

मोदी ने आगे कहा —
“मैं गारंटी देता हूं, वह दिन दूर नहीं जब हमारा छत्तीसगढ़, हमारा हिंदुस्तान, माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त होगा।”

प्रधानमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में जो साथी हिंसा के रास्ते पर निकल पड़े थे, वे अब तेजी से मुख्यधारा में लौट रहे हैं।
कुछ दिन पहले कांकेर में 20 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया,
जबकि 17 अक्टूबर को बस्तर में 200 से अधिक नक्सलियों ने हथियार डाले।

बीते कुछ महीनों में देशभर में माओवादी आतंक से जुड़े दर्जनों उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया है,
जिनमें से कई पर लाखों-करोड़ों रुपये के इनाम घोषित थे।

प्रधानमंत्री का यह संबोधन छत्तीसगढ़ के लिए आत्मगौरव, विकास और शांति का संदेश लेकर आया है।

By editor