छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी ख़बर—
राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
दरअसल, दुर्ग से बीजेपी सांसद विजय बघेल ने यह याचिका दायर की है, जिसमें भूपेश बघेल पर आचार संहिता उल्लंघन का आरोप लगाया गया है और उनकी विधायकी समाप्त करने की मांग की गई है।
सुनवाई के दौरान भूपेश बघेल की ओर से 16 बिंदुओं पर तर्क रखते हुए कहा गया कि याचिका चलने योग्य नहीं है। उनका दावा है कि आरोपों के कोई प्रत्यक्ष प्रमाण या साक्ष्य मौजूद नहीं हैं।
वहीं, याचिकाकर्ता विजय बघेल की ओर से यह कहा गया कि विधानसभा चुनाव के दौरान प्रचार की निर्धारित समय सीमा खत्म होने के बाद भी भूपेश बघेल ने पाटन में प्रचार किया, जो आचार संहिता का उल्लंघन है।
मंगलवार को जस्टिस अरविंद वर्मा की बेंच ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनीं और फैसला सुरक्षित रख लिया।
गौरतलब है कि इससे पहले भूपेश बघेल ने याचिका खारिज करने की अपील की थी, जिसे हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए कहा था—
“याचिका में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं, इसलिए सुनवाई जारी रहेगी।”

