हिंदी के कवियों ने सैकड़ों युद्धगीत लिखे और बड़े योद्धाओं पर भी सैकड़ों कविताएँ लिखी गई किन्तु पूरी महाभारत का रुख बदलने वाले योद्धा , आत्मबलिदान पांडवों की विजय की नींव रखने वाले योद्धा , पूरे संसार के युद्ध इतिहास के सबसे अप्रतिम योद्धा सुभद्रानंदन अभिमन्यु पर कभी कोई विशिष्ट रचना नहीं गाढ़ी गई इसलिए मैंने ये प्रयास किया है इस कविता की सामग्री प्राप्त करने हेतु काफी शोध किया है। एक अखिल भारतीय कविसम्मेलन में इसका पाठ भी किया था जिसमे श्रोताओं ने इस कविता को हाथों हाथ लिया था।

