नगर निगम भिलाई के सभागार में पंडित दीनदयाल उपाध्याय भूजल संवर्धन शहरी के अंतर्गत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य था वर्षा के जल को संरक्षित करने के लिए सबको प्रेरित किया जाए। इसमें रेन वाटर हार्वेस्टिंग के विशेषज्ञों द्वारा बताया गया कि हम किस प्रकार से बरसात के समय अपने छत के जल को रेन वाटर हार्वेस्टिंग के माध्यम से धरती के डाल करके जल स्तर को बढ़ा सकते हैं। इसके विभिन्न पद्धतियों के बारे में भी बताया गया। सामूहिक विचार विमर्श के दौरान दुर्ग लोकसभा सांसद विजय बघेल ने बताया पानी कि पानी की कीमत उनसे जाकर पूछा जाए जो लोग दूर-दूर से पानी भरकर लाते हैं। हमारे गांव की माताएं हमारे बड़े बुजुर्ग बहुत समृद्ध थे। पानी बचाने के लिए कुआ, तालाब, बावड़ी आदि बनवाते थे। अभी तो देखता हूं कि जहां पर रोज-रोज पानी आता है 1 दिन का पानी बासी हो जाता है दूसरे दिन उठाकर के नाली में नहीं बहा देते हैं। लोग क्या करते हैं एक गिलास पानी लेते हैं दो घूट पी के छोड़ देते हैं बाकी पानी बर्बाद हो जाता है जबकि पानी उतना ही लेना चाहिए जितना आवश्यकता हो। महापौर नीरज पाल ने कहा कि रेनवाटर हार्वेस्टिंग अभी एवं आने वाली पीढ़ी के लिए बहुत जरूरी है। पहले 70 80 फीट पर पानी आता था अब 200 फीट भी बोर कर देते हैं पानी नहीं निकलता है। इसका एक ही रास्ता है वर्षा के जल को अधिक से अधिक बचाया जाए। आयुक्त राजीव कुमार पांडे ने बताया कि शास्त्रों में लिखा गया है जो जल का संरक्षण करता है पानी बचता है लक्ष्मी हमेशा उसके साथ रहती है । वह परिवार खुशहाल रहता है। सांसद विजय बघेल ने सबको संकल्प दिलवाया कि हम सब लोग मिलकर के पानी को बचाएंगे, खुद पानी का दुरुपयोग नहीं करेंगे, दूसरों को नहीं करने के लिए प्रेरित करेंगे।

