छत्तीसगढ़ में जिला खनिज फाउंडेशन यानी DMF घोटाले को लेकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) और आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई अंजाम दी है।
राज्य के कई जिलों में माइनिंग कारोबारियों और सरकारी सप्लायरों के ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई है।
यह कार्रवाई रायपुर, धमतरी, राजनांदगांव और भिलाई-दुर्ग सहित कई इलाकों में की गई।
दुर्ग जिले में, मेघ गंगा ग्रुप के संचालक मनीष पारख के ठिकानों पर भी ACB-EOW की टीम ने दबिश दी है।
जानकारी के मुताबिक, यह छापेमारी DMF घोटाले के तारों को सुलझाने के सिलसिले में की गई है।
मनीष पारख का नाम पहले भी सुर्खियों में रह चुका है,
जब उनके नेहरू नगर स्थित इमेज डायग्नोसिस सेंटर में एक डॉक्टर पर गर्भवती महिला से छेड़छाड़ के आरोप लगे थे।
एजेंसी के अधिकारियों ने छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को खंगाला है।
ACB और EOW की इस संयुक्त कार्रवाई से प्रदेश के खनन कारोबारियों, सरकारी सप्लायरों और ठेकेदारों में हड़कंप मच गया है।
सूत्रों के मुताबिक, एजेंसी को DMF फंड के कथित दुरुपयोग और फर्जी भुगतान से जुड़े अहम सुराग मिले हैं।
फिलहाल टीम दस्तावेजों की जांच में जुटी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।

