देश की बेटियों ने एक बार फिर दुनिया के खेल मंच पर भारत का परचम लहराया है। बांग्लादेश में आयोजित कबड्डी वर्ल्डकप में भारतीय महिला टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबले में चीन की टीम को पटखनी दी… और वर्ल्ड कप अपने नाम किया। पूरे देश में इस जीत को लेकर उत्साह का माहौल है… लेकिन छत्तीसगढ़ गर्व से और भी सराबोर है।
क्योंकि इस भारतीय टीम में शामिल रही है छत्तीसगढ़ की शान—कोरबा के नजदीक स्थित छोटे से कस्बे कारेकसार की बेटी संजू देवी यादव। संजू ने न सिर्फ वर्ल्ड कप में दमदार खेल दिखाया… बल्कि प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का खिताब भी अपने नाम कर पूरे प्रदेश का मान बढ़ा दिया।
संजू का सफर किसी प्रेरणादायक फिल्म से कम नहीं रहा। देहाड़ी मजदूर माता–पिता की बेटी… झोपड़ी में पली-बढ़ी… लेकिन सपने आसमान से भी ऊंचे। सीमित साधनों के बावजूद संजू ने हार नहीं मानी… और दिन-रात की मेहनत, संघर्ष और जज़्बे के दम पर विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाई।
वर्ल्ड कप जीतकर भारत लौटने के बाद आज संजू देवी दुर्ग सांसद एवं छत्तीसगढ़ कबड्डी संघ के संरक्षक विजय बघेल के निवास स्थान पहुंची… जहां सांसद बघेल ने फूलों से स्वागत कर उसे सम्मानित किया।
इस दौरान सांसद विजय बघेल ने कहा—कबड्डी मिट्टी का खेल है… और इसे खेलने वाले खिलाड़ी ही मिट्टी की खुशबू से जुड़े होते हैं। उन्होंने बताया कि वे स्वयं और उनके भाई शशिकांत बघेल राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी रह चुके हैं… इसलिए इस उपलब्धि की भव्यता और कठिनाइयों को वे बखूबी समझ सकते हैं।
वहीं, खिलाड़ी संजू यादव ने भी आईबीसी24 से अपने अनुभव साझा किए… और कहा कि यह जीत सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि हर उस लड़की की जीत है जो संघर्ष के बीच भी अपने सपनों को जिंदा रखती है।
संजू आज लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं… और पूरे देश को उन पर नाज है।

