नगर निगम भिलाई के दक्षिण गंगोत्री क्षेत्र में आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय नियमित भ्रमण पर नगर निगम के रिक्त भूखंडों का राजस्व अधिकारी जेपी तिवारी के साथ निरीक्षन कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर दक्षिण गंगोत्री के लकड़ी टाल के पास अवैध निर्माण पर पड़ी पूछने पर जब दस्तावेज मांगा गया तो उनके पास भवन अनुज्ञा एवं भूखंड का दस्तावेज नहीं था। जिस पर तत्काल कार्य को बंद कराया गया। नेहरू नगर जोन के आयुक्त अजय सिंह राजपूत जोन राजस्व अधिकारी प्रसन्न तिवारी, को भेज करके निर्मित क्षेत्र का पैमाइश करवाया गया। जिसके बाद पता चला कि रविंद्र सिंह ने लगभग 2500 वर्ग फुट और जेठू राम साहू द्वारा 1800 वर्ग फुट में में अवैध निर्माण किया जा रहा था। संबंधित को कार्य बंद करने का नोटिस दी गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि अगर दोबारा अवैध निर्माण पाया गया तो छत्तीसगढ़ नगर पाली निगम अधिनियम 1956 के अंतर्गत कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को गिरा दिया जाएगा । अवैध कब्जेधारीयों द्वारा बड़ी चालाकी से सामने लकड़ी टाल और बास का स्ट्रक्चर खड़ा कर दिया था और पीछे साइड में अवैध रूप से निर्माण किया जा रहा था। जिससे सामान्य तौर पर देखने पर निर्माण पता ना चले। दक्षिण गंगोत्री जैसे व्यवसायिक क्षेत्र में इस तरह का अवैध निर्माण होने की जानकारी नेहरू नगर जोन के आयुक्त अजय सिंह राजपूत को नहीं होना उनकी कार्यशैली को दर्शाता है। अधिकारी आंखें बंद कर बैठे रहे और कब्जेधारीयों का अवैधनिर्माण धड़ल्ले से जारी रहा। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पांडे की नजर यदि इस अवैध निर्माण पर नहीं पड़ती तो कब्जेधारी अपने मंसूबे में कामयाब हो जाते जोन 1 के अधिकारियों द्वारा यदि अपने कार्य को गंभीरता से किया जाता तो इस अवैध निर्माण को शुरू होते ही दहाने की कार्रवाई हो जाती। अधिकारियों की कार्यवाही केवल ठेले खोमचे वालों तक ही सीमित रहने की वजह से इस तरह के अवैध निर्माण शहर में जारी है।

