दुर्ग लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल के सेक्टर-5 स्थित निवास पर आज एक विशेष मुलाकात हुई,
जिसमें सैकड़ों पालकों ने एक स्वर में उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
यह मुलाकात उस ऐतिहासिक निर्णय की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई,
जिसमें छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जिले के सैकड़ों बच्चों के RTE अंतर्गत निरस्त किए गए स्कूल प्रवेशों को बहाल करने का आदेश दिया है।
ज्ञात हो कि बीते दो वर्षों में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के अंतर्गत
जिले के अनेक बच्चों को विभिन्न निजी स्कूलों में प्रवेश दिया गया था।
परंतु 3 जुलाई 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय द्वारा एक आदेश जारी कर समस्त प्रवेशों को रद्द कर दिया गया था।
इस आदेश में पालकों पर झूठे और भ्रामक आरोप लगाए गए, जिससे बच्चों का भविष्य असमंजस में पड़ गया था।
इस संकट की घड़ी में सांसद श्री विजय बघेल ने त्वरित हस्तक्षेप किया।
उन्होंने ना सिर्फ पालकों से मुलाकात की बल्कि न्याय की लड़ाई को मजबूती से उठाया।
उनके नेतृत्व और प्रयासों के चलते ही उच्च न्यायालय ने पालकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए बच्चों के प्रवेश को फिर से मान्य किया।
इस न्यायपूर्ण निर्णय के बाद,
आज अभिभावकों का समूह सांसद निवास पहुंचा और कहा –
“यदि सांसद महोदय हमारे साथ खड़े नहीं होते, तो बच्चों का भविष्य अंधकार में चला जाता।”
सांसद बघेल ने भी भरोसा दिलाया कि —
“बच्चों की शिक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए वे हमेशा तत्पर रहेंगे। गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।”
इस मौके पर बड़ी संख्या में पालकगण, सामाजिक कार्यकर्ता, स्थानीय जनप्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
यह आयोजन सिर्फ आभार व्यक्त करने का अवसर नहीं,
बल्कि जनप्रतिनिधि और जनता के बीच विश्वास के रिश्ते की मिसाल भी बन गया।

