दुर्ग जिले से जालसाजी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है…
जहां एक निलंबित शिक्षक ने अपनी बहाली के लिए ऐसा मास्टरप्लान बनाया…
कि विभाग के अधिकारी भी हैरान रह गए।
मामला प्राथमिक शाला खुर्सीडीह का है…
जहां पदस्थ शिक्षक शेषनारायण साहू को जनवरी 2026 में गंभीर लापरवाही और ग्रामीणों को भड़काने के आरोप में निलंबित कर दिया गया था।
लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई…
बल्कि इसके बाद जो हुआ, उसने पूरे शिक्षा विभाग को चौंका दिया।
7 अप्रैल को अचानक विभाग को एक ई-मेल प्राप्त हुआ…
जिसमें दावा किया गया कि निलंबित शिक्षक की बहाली कर दी गई है…
और उन्हें सुपेला स्थित स्कूल में पदस्थ भी कर दिया गया है।
पहली नजर में यह आदेश पूरी तरह आधिकारिक प्रतीत हो रहा था…
लेकिन जैसे ही इस पर संभागीय संयुक्त संचालक आर.एल. ठाकुर की नजर पड़ी…
उन्हें आदेश की भाषा और प्रारूप पर संदेह हुआ।
संदेह के आधार पर जब इस पूरे मामले की गहन जांच की गई…
तो चौंकाने वाला खुलासा सामने आया।
जांच में पता चला कि शासन स्तर से ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ था…
यानि पूरा ई-मेल और आदेश पूरी तरह फर्जी था।
आरोप है कि निलंबित शिक्षक ने खुद ही फर्जी लेटरहेड तैयार किया…
और उसी के जरिए खुद को बहाल दिखाते हुए सुपेला स्कूल में पदस्थ करने की साजिश रची।
यह मामला सामने आते ही शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया…
और अब विभाग इस जालसाजी को लेकर सख्त कार्रवाई के मूड में है।
विभाग के अधिकारियों का साफ कहना है कि ई-मेल फर्जी साबित हो चुका है…
और अब आरोपी शिक्षक के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
जो शिक्षक समाज को अनुशासन और ईमानदारी का पाठ पढ़ाते हैं…
उसी पेशे से जुड़े व्यक्ति द्वारा की गई इस हरकत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल…
जांच आगे बढ़ रही है…
और माना जा रहा है कि जल्द ही इस पूरे मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

