कांकेर जिले की छात्रा इशिका बाला ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप किया है। उन्हें 99.16 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में पहला स्थान मिला है। इशिका के लिए ये मुकाम पाना इतना आसान नहीं था, क्योंकि वो पिछले 2 सालों से ब्लड कैंसर से जूझ रही है।
कैंसर के इलाज के लिए वह रोजाना कीमोथेरेपी के दर्द से गुजरती है। बावजूद इसके उसने अपनी पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी। इशिका ने खुद बताया कि सितंबर 2024 इलाज के बाद पता चला कि उसे कैंसर का पहला स्टेज है।
साल भर थेरेपी के दर्द के बीच पढ़ाई में मन लगाना मुश्किल था। लेकिन परिजनों और टीचर की मदद से ये सब कुछ संभव हो सका। इलाज के दौरान करीब 15 लाख भी खर्च हुए। 7 मई 2025 को जब रिजल्ट आया तो स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने फ्री इलाज का आश्वासन दिया है। फिलहाल पहले से बेहतर स्थिति है।
क्लास 9th में थी, तब बिगड़ी तबीयत
इशिका 2023 में कक्षा 9वीं में थीं, जब उन्हें ब्लड कैंसर का पता चला। उन्होंने 9वीं की परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन कीमोथेरेपी के कारण 2024 में 10वीं की परीक्षा नहीं दे पाईं। इस साल 2025 में उन्होंने परीक्षा दी और शानदार प्रदर्शन किया।

