स्वच्छ सर्वेक्षण को लेकर निगम में उच्च स्तरीय बैठक

नगर पालिक निगम के सभागार में आयुक्त राजीव कुमार पांडेय की अध्यक्षता में स्वच्छ सर्वेक्षण की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी सर्वेक्षण के विभिन्न मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।​आयुक्त ने बताया कि इस वर्ष का स्वच्छ सर्वेक्षण कुल 12,500 अंकों का है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सर्वेक्षण में उच्च स्थान प्राप्त करने के लिए केवल निगम की टीम पर्याप्त नहीं है, बल्कि इसमें शहरवासियों का विशेष योगदान और सक्रिय भागीदारी अत्यंत आवश्यक है।​​डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का कार्य दिए गए समय अनुसार रूट चार्ट अनुसार ही होगा। इस वर्ष से कचरा कलेक्शन रिक्शा सभी घरों में एक निर्धारित समय पर पहुँचेंगे। आयुक्त ने निर्देश दिए कि शत-प्रतिशत घरों से कचरा उठाव सुनिश्चित किया जाए।​स्रोत पर पृथक्कीकरण किया जाना अति आवश्यक है । नागरिकों से अपील की गई है कि वे घरों और दुकानों से निकलने वाले कचरे को गीला और सूखा अलग-अलग करके ही निगम की गाड़ी में दें। कचरा इधर-उधर न फेंकें ताकि शहर की स्वच्छता बनी रहे।​प्लास्टिक के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने पर जोर दिया गया। आयुक्त ने कहा कि प्लास्टिक न केवल पर्यावरण और मानव स्वास्थ्य के लिए घातक है, बल्कि इसे खाने से गौ-वंश की असमय मृत्यु भी हो रही है।। ​”स्वच्छता एक सामूहिक जिम्मेदारी है। यदि हम अपने शहर को नंबर वन देखना चाहते हैं, तो हमें अपनी आदतों में सुधार करना होगा। प्लास्टिक का त्याग करें और कचरा प्रबंधन में निगम की टीम का सहयोग करें।”​बैठक में निगम के उपयुक्त नरेंद्र बंजारे, डीके कोसरिया, जोन आयुक्त अमरनाथ दुबे, ऐशा लहरे, कुलदीप गुप्ता, एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक उपस्थित थे, जिन्हें सर्वेक्षण के अलग-अलग मानकों पर कार्य करने हेतु विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

By editor