बीते दिनों नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा एक आदेश जारी किया गया था जिसमें स्मृति नगर को नगर पालिका निगम भिलाई में समाहित करने की बातें कही गई थी जिससे स्मृति नगर निवासी काफी परेशान थे और उसके बाद निगम भिलाई द्वारा स्मृति नगर क्षेत्र में अपने कर्मचारियों को लगाकर सभी कार्यों को अंजाम देने का प्रयास किया जा रहा था निगम भिलाई द्वारा जारी किए गए आदेश के विरोध में स्मृति नगर वासियों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर इस आदेश के विरोध में हाई कोर्ट छत्तीसगढ़ में अपील की थी जिस पर 16 अक्टूबर दिन गुरुवार को हाई कोर्ट ने स्मृति गृह निर्माण समिति द्वारा चार बिंदुओं पर किए गए अपील पर एवं समिति द्वारा प्रस्तुत किए गए दलीलों पर नजर रखते हुए निगम भिलाई द्वारा जारी किया आदेश को निरस्त कर दिया एवं इस प्रक्रिया को विधि विरोधी बताया एवं निगम भिलाई को या आदेश भी दिया कि किसी निजी कॉलोनी को निगम भिलाई यदि समाहित करना चाहता है तो उसकी पूरी प्रक्रिया निगम भिलाई को पूर्ण करनी होगी क्या है वह नियम और कब तक निगम भिलाई दोबारा स्मृति नगर को खुद में समाहित करने के लिए याचिका लगा सकता है जानते हैं स्मृति गृह निर्माण सहकारी समिति मर्यादित के अध्यक्ष राजीव चौबे से अब स्मृति गृह निर्माण समिति के सदस्यों के पास अपनी एक जड़ता दिखाने का समय मिल गया है जिसे लेकर 17 अक्टूबर को स्मृति गृह निर्माण समिति के कार्यालय में एक सभा का आयोजन किया गया जिसमें समिति के सभी सदस्य शामिल हुए और उन्होंने एक स्वर में निगम द्वारा पारित किए गए आदेश के खिलाफ सामूहिक रूप से दावा आपत्ति करने का फैसला किया है और स्मृति नगर कॉलोनी को समिति द्वारा ही संचालित करने का मन बना लिया है।
स्मृति नगर को लेकर बड़ा फैसला… हाईकोर्ट ने निगम का आदेश किया निरस्त

