अर्बन-रूरल नक्सलियों की सूची तैयार, किसी को नहीं बख्शेंगे: शर्मा
छत्तीसगढ़ के अबूझमाड़ में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। इस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मीडिया से बातचीत की। इस दौरान सीएम साय ने कहा कि माओवादियों का नंबर वन नेता माना जाने वाला बासव राजू मारा गया है। 3 दशकों में यह पहली बार हुआ है। नक्सलियों की कमर टूटी है। मैं अपने सुरक्षा बल के जवानों के साहस को प्रणाम करता हूं।
सीएम ने कहा कि जब तक प्रदेश से नक्सलवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, एंटी नक्सल ऑपरेशन चलता रहेगा। इस दौरान प्रदेश के गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि हैदराबाद में बैठे लोग कौन हैं जो राज्य की सरकारों को बताते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं। ऐसे में नक्सलियों से बातचीत नहीं हो सकती, क्योंकि वह बस्तर के दुख में कभी खड़े नहीं हुए।
माओवादी चाहे तो हमारे मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार बात कर सकते हैं। केंद्र सरकार भी एक गोली नहीं चलाना चाहती। अमित शाह ने अपने प्रवास के दौरान साफतौर पर यह बात कही थी। उन्होंने नक्सलियों से मुख्य धारा में आने की अपील की थी। वहीं, इससे पहले मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों को कहा कि वे मुख्य धारा में आएं और आतंक से मुक्त करें।
इंद्रावती नदी के किनारे आराम से शाम को लोग बैठ सके ऐसी स्थिति बनाएंं। वहां पर स्कूलों को ब्लास्ट करके उड़ाया ना जाए। वहां आईईडी ब्लास्ट करके लोगों को जिंदगी भर जानवर जैसा जीवन ना दिया जाए। वहां गांव तक विकास के मार्ग में आईईडी बिछाकर रख दी गई है। यह सारी ही स्थिति खत्म होनी चाहिए। इसलिए सरकार का अभियान है। भाजपा की सरकार बनने के बाद अब तक 424 नक्सली मुठभेड़ में न्यूट्रलाइज हुए हैं। 524 ने सरेंडर किया है और 413 नक्सली गिरफ्तार हुए हैं।
गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार की आत्मसमर्पण नीति का लाभ मिल रहा है। शाह ने कहा कि राज्य सरकार के पास जंगल, अर्बन, रूरल जितने भी नक्सली हैं सबकी सूची है। किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मार्च 2026 तक नक्सलियों के खात्मे का लक्ष्य लेकर हम जो काम कर रहे हैं उस दिशा में हमारे जवानों को लगातार सफलता मिल रही है। हम चाहते हैं कि बस्तर के गांवों में भारत का संविधान लागू हो और वहां का विकास हो। शर्मा ने कहा कि नक्सलियों ने बस्तर के आदिवासियों को बंधक बनाकर रखा है।
आत्मसमर्पण नीति का मिल रहा लाभ: साय
सीएम साय ने कहा कि नक्सलियों से हिंसा छोड़ने का आह्वान पहले भी करते रहे हैं। सरकार उनके साथ न्याय करेगी। अच्छा पुनर्वास करेगी, इसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं। सैकड़ों नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सरकार की ओर से उनके लिए अच्छे काम हुए हैं। उनके बच्चों को नौकरी देने की काम भी कर रही है।

