शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव ने अपनी पत्नी डाली नामदेव और साथियों के साथ मिलकर दो फर्जी कंपनियां खड़ी की थीं—निशा बिजनेस कंसल्टेंट प्रा. लिमिटेड और यूनिक इन्वेस्टमेंट सॉल्यूशन।
आरोपी निवेशकों को 20 से 40 प्रतिशत तक मासिक लाभ देने का लालच देते थे और करोड़ों रुपये की रकम निवेश कराते थे। लेकिन यह रकम असल शेयर मार्केट में निवेश करने के बजाय केवल रोलिंग करके धोखाधड़ी को अंजाम दिया जाता था।
निवेशकों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेज और मिरर इमेज आईडी-पासवर्ड तैयार कर उन्हें भेजे जाते थे। शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी स्नेहांशु नामदेव, उसकी पत्नी डाली नामदेव, निशा मानिकपुरी, धातरी कोसरे और शुभम गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है।
गिरोह से धोखाधड़ी की रकम से खरीदी गई टाटा कर्व कार, हार्ले डेविडसन बाइक, जेवरात, नकदी और लग्जरी मोबाइल सहित लगभग 1 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।
