शराब घोटाला…20 से ज्यादा जगहों पर रेड: दुर्ग में सुबह 4 बजे पहुंची ACB-EOW की टीमें, कवासी के करीबियों के ठिकानों पर कार्रवाई

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ACB और EOW की टीम ने 20 से ज्यादा जगहों पर छापा मारा है। दुर्ग-भिलाई में 22 जगहों पर कार्रवाई जारी है। ACB और EOW की कई टीमें चार गाड़ियों में सुबह 4 बजे भिलाई पहुंची।

एक टीम हाउसिंग बोर्ड स्थित आम्रपाली अपार्टमेंट में अशोक अग्रवाल के घर पहुंची। दूसरी टीम नेहरू नगर में बंसी अग्रवाल और विशाल केजरीवाल के यहां दबिश दी। वहीं खुर्सीपार में विनय अग्रवाल के यहां दस्तावेजों की जांच चल रही है। इसके अलावा धमतरी और महासमुंद में भी जांच जारी है।

दुर्ग-भिलाई में इन कारोबारियों के यहां कार्रवाई

एसके केजरीवाल, नेहरू नगर, भिलाई
अशोक अग्रवाल, आम्रपाली अपार्टमेंट, हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, भिलाई
विनय अग्रवाल, खुर्सीपार
संजय गोयल, डायरेक्टर स्पर्श हॉस्पिटल, नेहरू नगर
विश्वास गुप्ता, बिल्डर, दुर्ग
बंसी अग्रवाल, नेहरू नगर
आशीष गुप्ता, डायरेक्टर, आशीष इंटरनेशनल होटल सुपेला, नेहरू नगर स्थित घर में कार्रवाई।

अशोक अग्रवाल की हैं कई फैक्ट्रियां

छावनी चौक भिलाई के पास अशोक अग्रवाल की फेब्रीकेशन और अन्य चीजों की फैक्ट्री है। आशोक अग्रवाल पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा के करीबी हैं। इन पर लखमा के साथ मिलकर शराब घोटाले को अंजाम देने का आरोप है।

एक टीम अशोक अग्रवाल को गाड़ी में पकड़कर कहीं ले गई है, वहीं एक टीम उनके घर में जांच कर रही है। ऐसी जानकारी मिली है कि एक टीम अशोक अग्रवाल को लेकर उनकी फैक्ट्री गई है, वहां भी टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है।

GI तार फैक्ट्री के मालिक हैं बंसी अग्रवाल

भिलाई के नेहरू नगर स्थित कारोबारी और भिलाई अग्रवाल समाज के अध्यक्ष बंसी अग्रवाल के घर में भी जांच जारी है। खुर्सीपार में इनकी वायर ड्राइंग और GI तार बनाने की फैक्ट्री है।

महासमुंद में कारोबारियों के ठिकानों पर कार्रवाई

महासमुंद जिले के सांकरा और बसना में भी ACB-EOW कार्रवाई कर रही है। सांकरा में कैलाश अग्रवाल और बसना में जय भगवान अग्रवाल के ठिकानों में दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। यहां दो वाहनों में 20 सदस्यीय टीम पहुंची है।

धमतरी में अशोक अग्रवाल के दामाद के घर कार्रवाई

अशोक अग्रवाल के दामाद सौरभ अग्रवाल के धमतरी स्थित घर में भी 8 अफसरों की टीम जांच कर रही है। अशोक अग्रवाल पर शराब के पैसों से बेशकीमती जमीन खरीदने का आरोप लगा है।

3 दिन पहले भी पड़ी थी रेड

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में ACB-EOW की टीम ने 3 दिन पहले ही कवासी लखमा और उनके करीबियों के 13 ठिकानों पर छापेमारी की थी।

शनिवार को रायपुर, दंतेवाड़ा, सुकमा, जगदलपुर और अंबिकापुर में दबिश देकर दस्तावेज, मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, कई बैंक अकाउंट और जमीनों में निवेश से संबंधित दस्तावेज और 19 लाख रुपए कैश बरामद किए थे।

क्या है शराब घोटाला ?

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में ED जांच कर रही है। ED ने ACB में FIR दर्ज कराई है। दर्ज FIR में 2 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले की बात कही गई है। ED ने अपनी जांच में पाया कि तत्कालीन भूपेश सरकार के कार्यकाल में IAS अफसर अनिल टुटेजा, आबकारी विभाग के एमडी AP त्रिपाठी और कारोबारी अनवर ढेबर के सिंडिकेट के जरिए घोटाले को अंजाम दिया गया था।

ED की ओर से दर्ज कराई गई FIR की जांच ACB कर रही है। ACB से मिली जानकारी के अनुसार साल 2019 से 2022 तक सरकारी शराब दुकानों से अवैध शराब डुप्लीकेट होलोग्राम लगाकर बेची गई। इससे शासन को करोड़ों के राजस्व का नुकसान हुआ है।

By editor