दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड अंतर्गत ग्राम छाटा में मनरेगा मजदूरों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा, जब चार दिन तक काम करने के बाद उनके खातों में मजदूरी के नाम पर महज 40 रुपये जमा हुए। यानी एक दिन की मजदूरी सिर्फ 10 रुपये मिलने से मजदूरों में भारी नाराजगी देखने को मिली।
बताया जा रहा है कि गांव में चल रहे बांध गहरीकरण कार्य में सैकड़ों मजदूर काम कर रहे थे। भुगतान की जानकारी मिलने के बाद मजदूरों ने कार्यस्थल पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया और काम का पूर्ण बहिष्कार कर धरने पर बैठ गए।
मजदूरों का आरोप है कि हाजिरी और भुगतान में गंभीर गड़बड़ी हुई है। उन्होंने मेट पर रिकॉर्ड में हेरफेर करने का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर सरपंच मौके पर पहुंचे और मजदूरों को समझाने का प्रयास किया।
हालांकि मजदूरों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, वे शांत नहीं बैठेंगे। मजदूरों का प्रतिनिधिमंडल अब जनपद पंचायत के सीईओ से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत करने की तैयारी में है।

