दुर्ग जिले के धमधा और पाटन क्षेत्र में सरकार की ‘दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना’ में बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। गरीब और पात्र हितग्राहियों के लिए जारी की जाने वाली सरकारी राशि में हेराफेरी कर लाखों रुपये का गबन किया गया।
दुर्ग पुलिस की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी दीपक कुमार यादव और लिलेश्वर यादव ने योजना से जुड़े ऑनलाइन पोर्टल का दुरुपयोग करते हुए 107 हितग्राहियों के बैंक खातों में आने वाली राशि को फर्जी तरीके से दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने जनपद पंचायत स्तर पर उपयोग होने वाले लॉगिन आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल किया। इसके जरिए असली हितग्राहियों के बैंक खातों की जगह अपने नियंत्रण वाले खातों की जानकारी पोर्टल में दर्ज कर दी गई।
इस फर्जीवाड़े के जरिए करीब 17 लाख 10 हजार रुपये से अधिक की सरकारी राशि हड़प ली गई। शिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, बैंक दस्तावेजों और ऑनलाइन डेटा का गहन विश्लेषण किया, जिसके बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और बैंक से जुड़े कई अहम दस्तावेज भी जप्त किए हैं। फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।

