छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक कथित वायरल चैट को लेकर घमासान मचा हुआ है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित चैट स्क्रीनशॉट ने राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इस पोस्ट को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।
बुधवार को भिलाई-3 थाना परिसर में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में पहुंचकर प्रदर्शन किया। उन्होंने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए वायरल पोस्ट को फर्जी और भ्रामक बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज करने तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की।
दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रही एक कथित चैट में दावा किया गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने दुबई में बैठे एक ऑनलाइन सट्टा सिंडिकेट से जुड़े व्यक्ति को संदेश भेजकर उसका नंबर मांगा था। इस दावे को भूपेश बघेल ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इसे फोटोशॉप के जरिए तैयार की गई फर्जी चैट बताते हुए कहा कि यह उनकी छवि खराब करने की सोची-समझी साजिश है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी लीगल टीम पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है और कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
इधर, भिलाई-चरोदा की महापौर निर्मला कोसरे, सभापति कृष्ण चंद्राकर, सुजीत बघेल और ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकांत वर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ता थाने पहुंचे। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
प्रदर्शन को देखते हुए भिलाई-3 थाना परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिस ने ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि साइबर सेल की मदद से वायरल पोस्ट फैलाने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की पहचान की जा रही है।
अब यह मामला केवल एक वायरल पोस्ट तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और कानूनी कार्रवाई के केंद्र में आ गया है। ऐसे में सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच में क्या सामने आता है और इस कथित ‘चैट कांड’ के पीछे का सच कब तक उजागर हो पाता है।

