भिलाई सेक्टर-5 में बंगाली समाज की दुर्गा पूजा

सेक्टर 5 भिलाई में भी बंगाली समाज द्वारा पूरे बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित करके पूजा अर्चना की जा रही है दुर्गा पूजा बंगाली समाज का प्रमुख त्योहार माना जाता है इस वजह से मां दुर्गा की पूजा अर्चना भी कुछ विशेष तरीकों से की जाती है इसी पूजा की विधि में अष्टमी और नवमी के मध्य संधी पूजा का आयोजन किया जाता है अष्टमी और नवमी को जोड़ने की विधि को संधी पूजा कहते हैं संधि पूजा करने के पश्चात 108 बतिया का दीप प्रज्वलित किया जाता है और मां दुर्गा को 108 कमल के फूल 108 दशमत के भूल अर्पित किए जाते हैं विदित है कि भगवान श्री राम ने रावण से युद्ध के पहले मां दुर्गा की पूजा अर्चना की थी और ठीक अष्टमी और नवमी के बीच रावण का वध किया था जिसकी वजह से इस क्षण में बंगाली समाज द्वारा प्रतीकात्मक बली की परंपरा भी निभाई जाती है इस बली में गन्ना खीर केला या फिर रखिया की बलि दी जाती है उसके बाद मां दुर्गा की उपासक जो उपवास रखकर इस पूजा में भाग लेते हैं वह अपनी आस्था के फूल पुष्पांजलि के रूप में मां दुर्गा को अर्पित करते हैं तत्पश्चात मां दुर्गा को भोग लगाया जाता है और फिर बंगाली परंपरा के अनुसार बंगाली पद्धति से विभिन्न प्रकार के सामानों से मां दुर्गा की आरती की जाती है सेक्टर 5 भिलाई में समिति लंबे वर्ष से या आयोजन करते आ रही है जिसमें महिलाओं की सहभागिता देखते ही बनती है समिति के सदस्य एवं अन्य श्रद्धालु गणों ने इस आयोजन को लेकर जानकारी दी है और बंगाली परंपरा के अनुसार मां दुर्गा की पूजा अर्चना करने वाले पुरोहित ने भी बंगाली परंपरागत विधि विधान के साथ संधि पूजा का महत्व भी बताया है सेक्टर 5 भिलाई की समिति द्वारा संधी पूजा के विशेष अवसर पर महा भोग भंडारे का आयोजन भी किया गया था जिसमें क्षेत्रवासी और श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर भंडारे में महा भोग प्रसाद ग्रहण किया।।

By editor