भिलाई में आज पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की दिव्य हनुमंत कथा का भव्य समापन हुआ।
पांच दिनों तक चली इस कथा में लाखों श्रद्धालुओं ने पहुंचकर धर्म, भक्ति और सनातन संस्कारों का अनुभव किया।
कथावाचक पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमान चालीसा की चौपाइयों के माध्यम से भगवान हनुमान के चरित्र, मर्यादा और समर्पण को सरल शब्दों में भक्तों तक पहुंचाया।
कथा के अंतिम दिन उन्होंने भिलाई को नशामुक्त बनाने का संकल्प दिलाया और माता-पिता से अपने बच्चों को वेद और शास्त्रों की शिक्षा देने की अपील की।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि यदि आज बच्चों को वेदों की शिक्षा नहीं दी गई, तो आने वाली तीन-चार पीढ़ियों में घरों से संस्कार समाप्त हो जाएंगे।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ग्रंथ और संत जीवन को दिशा देते हैं, इसलिए उनका सानिध्य अत्यंत आवश्यक है।
मंच से बिना किसी का नाम लिए उन्होंने एक बार फिर संकेत देते हुए कहा कि वे जिनके साथ हेलीकॉप्टर में आए थे, उन्हीं के साथ वापस भी जाएंगे।
इस दौरान उन्होंने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा कि देशद्रोही हेलीकॉप्टर में घूम सकते हैं, लेकिन सनातन को जगाने वाला, कैंसर अस्पताल बनाने वाला, बेटियों की शादी कराने वाला और नशा छुड़वाने वाला व्यक्ति हेलीकॉप्टर में उड़ने का अधिकारी नहीं—यह सोच दुर्भाग्यपूर्ण है।
कथा स्थल पर आने से पहले एक युवक के अचानक कॉरकेड में घुस जाने से सेक्टर-8 चौक के पास वाहनों की टक्कर की घटना भी सामने आई।
इस घटना के बाद पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने मंच से भक्तों से अपील की कि इस तरह की अंधभक्ति न करें।
उन्होंने दो दिन पहले एक युवती द्वारा उनसे मुलाकात नहीं हो पाने पर आत्मघाती प्रयास का जिक्र करते हुए कहा कि वे यहां हनुमान जी की भक्ति कराने आए हैं, अपनी नहीं।
समापन अवसर पर मंच से गुरुघासीदास जी की आरती की गई और देश व प्रदेश की खुशहाली के लिए सामूहिक अर्जी लगाई गई।
कथा के अंतिम दिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव, मंत्री खुशवंत साहिब, पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल सहित कई दिग्गज नेता मंच पर उपस्थित रहे।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह सौभाग्य की बात है कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री की कथा भिलाई में हुई।
उन्होंने कहा कि ऐसी कथाएं समाज में सकारात्मक वातावरण बनाती हैं और महाराज जी को बार-बार छत्तीसगढ़ आना चाहिए।
मंत्री गुरु खुशवंत साहिब ने कहा कि यह आयोजन राजनीति से ऊपर है और धर्म, शिक्षा व संस्कार से जुड़ा हुआ है।
कथा के संयोजक और खादी ग्रामोद्योग मंडल के अध्यक्ष राकेश पांडेय ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताते हुए कहा कि गुरुजी ने पुनः भिलाई आने का वचन दिया है और जल्द ही भक्तों को दोबारा कथा श्रवण का अवसर मिलेगा।

