पौराणिक कथा के अनुसार समुद्र मंथन के समय माता लक्ष्मी ने अपने आठ स्वरूपो में दर्शन दिए थे जिनकी विधिवत पूजा विशेष तौर पर आंध्र प्रदेश में सावन महीने के प्रत्येक शुक्रवार को की जाती है इस पूजा से धन वैभव सम्मान और संपन्निता सहित पूरे परिवार की लंबी आयु प्राप्त होती है इसी परंपरा का निर्माण करते हुए भिलाई तेलगा समाज की महिला सदस्यों ने जगन्नाथ मंदिर के भवन में सार्वजनिक रूप से अष्ट लक्ष्मी माता के पूजन का आयोजन किया इसमें तेलगा समाज की महिलाओं के साथ-साथ अन्य समाज की महिलाओं को भी शामिल होने का आमंत्रण दिया गया था जिससे इस पूजा में शामिल होने वाले सभी लोगों के घर में सुख समृद्धि धन वैभव एवं दीर्घायु की वर्षा हो आंध्र प्रदेश की तर्ज पर महिलाओं ने स्वयं अपने हाथों से अष्ट लक्ष्मी माता की मूर्ति बनाई एवं श्रृंगार करके उन्हें सजाया भी तत्पश्चात दक्षिण भारतीय पद्धति से दक्षिण भारतीय ब्राह्मण महाराज के मुखारविंद से निकले मंत्र चरण के साथ माता अष्ट लक्ष्मी का पूजन अर्चन किया गया इस आयोजन में दक्षिण भारतीय समाज के अलावा अन्य समाजों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और माता अष्ट लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया इस आयोजन में शामिल होने आए सभी श्रद्धालुओं का आंध्र प्रदेश की तर्ज पर तिलक लगाकर एवं महिलाओं के गालों पर हल्दी लगाकर स्वागत किया गया वही बतौर मुख्य अतिथि चेंबर ऑफ ट्रांसपोर्ट के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू शामिल हुए और उन्होंने समाज के सभी लोगों को आयोजन की बधाई दी एवं माता लक्ष्मी की कृपा सब पर समान रूप से बरसे ऐसी कामना भी की
आंध्र प्रदेश की तर्ज पर तेलगा समाज की महिलाओं द्वारा किए गए मां महालक्ष्मी के अस्त्र रूपों के पूजन कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने मां अष्ट लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त किया एवं अपने और अपने परिवार के सुख समृद्धि की कामना की।।

