प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में श्री कृष्ण के दिव्य कर्तव्यों को दर्शाती बहते झरनों और नदियों के मध्य लाइट एंड साउंड द्वारा सुसज्जित भव्य जीवंत झांकी सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
झांकी के प्रवेश द्वार में ही श्रीकृष्ण के बाल रूप को माखन से भरे पात्रों के मध्य कान्हा जी का नयनाभिराम दृश्य सभी को उमंग उत्साह खुशी आनंद से भरपूर जीवन जीने का अनुभव करता है जो कि संदेश देता है कि जब हम शुद्ध मन व विनम्रता से भरपूर रहते हैं तो हमारे छोटे-छोटे कर्म भी यादगार बन जाते हैं।
झांकी के मध्य में बने हंस व पर्वत से बहते झरने एवं कलकल नदी में राधे कृष्ण द्वारा नौका विहार निश्चिंत जीवन को दर्शाता है।
श्री कृष्ण का गोप, गोपिकाओं के साथ संस्कार मिलन की महारास अर्थात कोई कैसी भी संस्कार वाली मनुष्य आत्मा हो मुझे सर्व के साथ सदा शुभ भावना, शुभकामना के साथ मधुर व्यवहार की महारास करना है।
श्री कृष्णा द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने का दृश्य सर्व के सहयोग से सुखमय संसार अर्थात सर्व शक्तिमान जगत नियंता ने स्वयं सभी की अंगुली लगाकर गोवर्धन पर्वत उठाया जो कि उनके विनम्रता की पहचान है।
मईया यशोदा द्वारा श्री कृष्ण जी को रस्सी से बांधने का दृश्य सभी को भाव विभोर कर रहा है, असीम शक्ति जगत नियंता को मईया यशोदा ने अपने पुत्र के रूप में स्नेह की डोर से बांधा, अर्थात हम सभी भगवान को विभिन्न संबंधों द्वारा स्नेह से बांध सकते हैं और स्वयं जगत नियंता स्नेह की डोर में बंधने के लिए सदैव तत्पर रहते है। श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर लगाए गए अनुपम झांकी की जानकारी राजयोग भवन सेक्टर 7 कि केंद्र प्रमुख आशा दीदी ने उपलब्ध कराई है
यह झांकी सर्व के अवलोकन दर्शनार्थ 25 अगस्त 2025, तक बढ़ा दी गई है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग इस शिक्षाप्रद झांकी का दर्शन लाभ प्राप्त कर सके।।

