दुर्ग जिले के बोरी गांव में प्रस्तावित शराब दुकान के खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।
एक हफ़्ते से जारी यह आंदोलन अब जनआंदोलन का रूप ले चुका है।
गांव के स्कूलों में ताले लटक गए हैं…
छात्र-छात्राएँ भी अपने अभिभावकों के साथ सड़क पर उतर आए हैं और ‘शराब दुकान नहीं चाहिए’ की मांग बुलंद कर रहे हैं।
तेज धूप, गर्म हवाएँ और थकावट के बावजूद ग्रामीणों का हौसला टूटता नजर नहीं आ रहा।
सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, महिलाएँ और युवा – बोरी तहसील कार्यालय के मुख्य गेट के सामने धरने पर बैठे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान खुलने से क्षेत्र का माहौल बिगड़ेगा, बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा पर खतरा बढ़ेगा।
लगातार सात दिनों से जारी यह प्रदर्शन, अब आसपास के 10 से 12 गाँवों के लोगों की भागीदारी से और भी व्यापक हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही शराब दुकान का प्रस्ताव रद्द नहीं किया, तो आंदोलन को जिला मुख्यालय तक

