बच्चों में सुरक्षा और नियमों को लेकर
जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से
भिलाई इस्पात संयंत्र के सेफ्टी डिपार्टमेंट द्वारा
आज एक विशेष ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में
शहर के 1500 से अधिक स्कूली बच्चों और उनके पैरेंट्स ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रतियोगिता के दौरान
बच्चों को उनकी अलग-अलग आयु वर्ग की कैटेगरी के अनुसार
आयोजन स्थल पर ही सेफ्टी से जुड़े विषय दिए गए,
जिनके आधार पर बच्चों ने अपनी कल्पना और रचनात्मकता को
पेंटिंग्स के माध्यम से प्रस्तुत किया।
इस ड्राइंग प्रतियोगिता में
ट्रैफिक रूल्स, इंडस्ट्रियल सेफ्टी और होम सेफ्टी
जैसे महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया,
ताकि बच्चे रोजमर्रा की जिंदगी में सुरक्षा नियमों की अहमियत को समझ सकें।
भिलाई इस्पात संयंत्र के अधिकारियों ने बताया कि
अगर बचपन से ही बच्चों में
सेफ्टी को लेकर जागरूकता लाई जाए,
तो वे बड़े होकर
इन नियमों का गंभीरता से पालन करते हैं।
अधिकारीयों ने यह भी कहा कि
जब बच्चों को सेफ्टी रूल्स की जानकारी होती है,
तो वे अपने पैरेंट्स को भी नियमों का पालन करने के लिए टोकते हैं।
उन्होंने बताया कि
बीएसपी में कार्यरत कर्मचारियों के बच्चों को भी यह जानना जरूरी है कि
उनके माता-पिता को
प्लांट के भीतर किन-किन सेफ्टी नियमों का पालन करना पड़ता है।
अगर बच्चे अपने पेरेंट्स को सेफ्टी के लिए सचेत करेंगे,
तो इसका सकारात्मक असर
सीधे कार्यस्थल की सुरक्षा पर भी पड़ेगा।
इस प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि
दिव्यांग बच्चों ने भी अलग-अलग वर्गों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया
और अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बीएसपी प्रबंधन ने बताया कि
सभी कैटेगरी के विजेताओं को
जल्द ही भिलाई इस्पात संयंत्र की ओर से
पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा।
यह आयोजन
न सिर्फ बच्चों की रचनात्मकता को मंच देने का माध्यम बना,
बल्कि
सुरक्षा को जन-जागरूकता का विषय बनाने की दिशा में
एक सार्थक पहल भी साबित हुआ।

