बच्चों की सुरक्षा को लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई

दुर्ग जिले में
स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर
यातायात पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए
स्कूल बसों की फिटनेस चेकिंग का विशेष अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत
जिले के 75 से अधिक स्कूलों की 200 से ज्यादा बसों और
स्कूली बच्चों को परिवहन करने वाले अन्य वाहनों की जांच
की जा रही है।

बताया जा रहा है कि
दुर्ग जिले में कुल 1737 स्कूल संचालित हैं,
जिनमें सरकारी, सीजी बोर्ड, निजी और सीबीएसई स्कूल शामिल हैं।
इन स्कूलों में साढ़े तीन लाख से अधिक बच्चे नियमित रूप से पढ़ाई करने पहुंचते हैं
इनमें से बड़ी संख्या में बच्चे
स्कूल बसों और अन्य परिवहन साधनों से स्कूल आते-जाते हैं।

ऐसे में सवाल यह है कि
क्या बच्चों को लाने और ले जाने वाले ये वाहन
वास्तव में पूरी तरह सुरक्षित और फिट हैं या नहीं।
इसी को लेकर
सुप्रीम कोर्ट द्वारा तय की गई गाइडलाइन के अनुसार
दुर्ग जिले में यह विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया।

इस अभियान में
एडिशनल एसपी रिचा मिश्रा के नेतृत्व में
यातायात पुलिस के एक दर्जन से अधिक अधिकारी और कर्मचारी
शामिल रहे।
भिलाई सहित जिले के विभिन्न इलाकों में
सड़कों पर चल रही तमाम स्कूल बसों को रोककर
आपातकालीन जांच की गई।

जांच के दौरान
बसों के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस सर्टिफिकेट, रोड टैक्स,
पीयूसी और प्रदूषण प्रमाण पत्र
की बारीकी से पड़ताल की गई।
साथ ही
जीपीएस सिस्टम, सीसीटीवी कैमरा, स्पीड गवर्नर, हॉर्न,
आपातकालीन खिड़की और अग्निशमन यंत्र
की भी जांच की गई।

इसके अलावा
बस में फर्स्ट एड बॉक्स की उपलब्धता,
बस के आगे और पीछे ‘स्कूल बस’ लिखा होना,
स्कूल का नाम, टेलीफोन नंबर,
चालक का मोबाइल नंबर
जैसे जरूरी मानकों की भी जांच की गई।

जांच के दौरान
कई बसों में नियमों की अनदेखी सामने आई,
जिस पर पुलिस ने संबंधित बस चालकों और स्कूल प्रबंधन को
आवश्यक दिशा-निर्देश दिए
और नियमों का पालन सुनिश्चित करने की हिदायत दी।

यातायात पुलिस का कहना है कि
यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा,
ताकि
स्कूली बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता न हो।

By editor