नगर पालिका निगम रिसाली के वार्ड क्रमांक तीन रुवाबांधामें निवासरत संजू मारकंडे पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है रोजी मजदूरी कर अपने परिवार का जीवन यापन कर रहे संजू के इकलौते 4 वर्षी पुत्र देवांश मारकंडे को ब्लड कैंसर हुआ है। जिसकी वजह से पूरा परिवार सदमे में है ब्लड कैंसर होने की जानकारी उन्हें दो माह पूर्व इलाज के दौरान लगी। इसके बाद से वह अपने बच्चों को लेकर दुर्ग जिला अस्पताल से लेकर रायपुर एम्स और रायपुर के अन्य प्रतिष्ठित अस्पतालों में लोगों की मदद से लेकर गए। रायपुर शहर के प्रसिद्ध कैंसर विशेषज्ञों ने संजू मारकंडे से कहा कि उनके बच्चे का इलाज हायर सेंटर में ही संभव है देवांश को नागपुर अथवा मुंबई ले जाना होगा देवांश के उपचार के दौरान संजू मारकंडे ने अपना घर गिरवी रख दिया लेकिन बच्चों की सेहत में सुधार नहीं हुआ उसकी हालत दिनों दिन बिगड़ते चले जा रही है मजदूरी कर रहे संजीव मारकंडे के पास नागपुर या मुंबई जाने को लेकर पैसे नहीं है। जिससे वह निराश होकर घर बैठे हुए हैं आसपास के लोगों द्वारा इन्हें जीवन यापन के लिए खाद्य पदार्थ उपलब्ध करा दिया जाता है क्योंकि प्राइवेट संस्थान में मजदूरी करने और बच्चे के इलाज के दौरान छुट्टी लेने की वजह से इनकी नौकरी भी छूट गई है। यदि आप 4 वर्षीय देवांश की मदद करना चाहते हैं तो संजू मारकंडे के वार्ड क्रमांक 3 रुवाबांधा बस्ती में आकर अवश्य संपर्क करें। जिससे इस मासूम का उपचार संभव हो सके और जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रहे मासूम को नई जिंदगी मिल सके। संजू मारकंडे और वार्ड की मितानिन आरती जैन ने देवांश के ब्लड कैंसर से ग्रसित होने और उपचार को लेकर RCN न्यूज़ से बातचीत की।

