प्रदेशभर में शीतलहर का कहर शुरू हो चुका है। तापमान में गिरावट को देखते हुए लोगों को राहत दिलाने के लिए जगह जगह अलाव जलाए जा रहे हैं। दुर्ग जिले में भी इसके तहत एहतियाती कदम उठाए गए हैं। इसके तहत प्रशासन के निर्देश पर सभी नगरी निकाय क्षेत्रों व ग्रामीण क्षेत्रों में भी अलाव की व्यवस्था की गई है। सभी सार्वजनिक स्थलों जैसे बाजार ,रेलवे स्टेशन व चौक चौराहों पर अलाव जलाए जा रहे हैं। ताकि लोगों को शीतलहर के प्रकोप से राहत मिल सके। वहीं मौसम में हुए अचानक बदलाव की वजह से लोगों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा हैं. सर्दी- खांसी और बुखार के मरीज बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच रहे हैं. दुर्ग के जिला अस्पताल में भी ऐसे मरीज़ों की बढ़ती तादाद को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन द्वारा व्यापक तौर से इंतेज़ाम किए गए हैं.जिला अस्पताल के सिविल सर्जन आशीषन कुमार मिंज ने व्यवस्था की जानकारी देते हुए बताया कि ठण्ड का बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर ज़्यादा असर होता है ऐसे में ठण्ड से बचने के लिए गर्म कपड़ो का इस्तेमाल करने के साथ ही खानपान में भी विशेष ध्यान रखना होता है. गौरतलब है कि ठण्ड की वजह से नसों में होने वाली सिकुड़न से ब्रेन स्ट्रोक व ह्रदयघात का भी खतरा बना रहता है ऐसे में डाक्टरों द्वारा बताए गए उपायों को अमल में लाने से ही ऐसी परिस्थितियों से बचा जा सकता है।।
प्रदेशभर में शीतलहर का कहर शुरू, गलन भरी ठंड से जनजीवन अस्त-व्यस्त

