स्मृति गृह निर्माण सहकारी संस्था मर्यादित भिलाई के पास नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा एक आदेश भेजा गया है जिस आदेश में समिति का कॉलोनाइजर लाइसेंस रद्द करते हुए पूरे स्मृति नगर क्षेत्र को नगर पालिका निगम भिलाई में समाहित कर लेने का आदेश दिया गया है इसके बाद स्मृति नगर वासियों का आक्रोश फूट पड़ा है यह आक्रोश इस बात का है कि स्मृति नगर का प्रबंधन अब नगर पालिक निगम भिलाई के हाथों में चला गया है। अब अगर नियम की बात करें तो किसी भी निजी कॉलोनी को निगम कुछ शर्तों पर ही अपने में समाहित कर सकता है और वह नियम यहां अपनाए नहीं गए हैं जब स्मृति नगर वासियों को इस बात का पता चला तो संस्था के वरिष्ठ सदस्यों के आह्वान पर एक बैठक आहूत की गई जिसमें समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे को बुलाया गया और क्षेत्र वासियों ने उन्हें अपना पक्ष रखने को कहा समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे ने बड़ी ही शालीनता के साथ अपना पक्ष रखा राजीव चौबे ने संस्था के सदस्यों को अवगत कराया कि निगम द्वारा जिन बिंदुओं के आधार पर संस्था के कॉलोनाइजर लाइसेंस को रद्द किया है उन सभी बिंदुओं पर संस्था द्वारा नगर निगम के सौतेले व्यवहार और एक पक्षीय कार्रवाई से पीड़ित हो कर उच्च न्यायालय में रिट दायर की गई है जो आज दिनांक तक विचाराधीन है बावजूद इसके निगम द्वारा उन्ही बिंदुओं के आधार पर कॉलोनाइजर लाइसेंस निरस्त किया गया है । समिति के अध्यक्ष राजीव चौबे का पक्ष सुनने के बाद और सारी जानकारी स्पष्ट होने के बाद स्मृति नगर क्षेत्र वासियों ने अपने अध्यक्ष राजीव चौबे का साथ देने की बातें कही और इस परेशानी का एक साथ मिलकर डटकर सामना करने की सहमति जताई इसके पूर्व भी नगर पालिक निगम शुद्ध पेयजल की सप्लाई को लेकर स्मृति नगर वासियों के साथ धोखा कर चुका है इन सारी परेशानियों को देखते हुए स्मृति नगर क्षेत्र वासियों ने नगर पालिका निगम भिलाई द्वारा भेजे गए आदेश पर आक्रोश जताते हुए एकजुटता के साथ अपना विरोध दर्ज कराया है और स्मृति नगर क्षेत्र को समिति द्वारा ही संचालित किया जाए ऐसा फैसला ले लिया है क्षेत्रवासियों ने यह भी कह दिया है कि यदि नगर पालिका निगम भिलाई अपनी मनमानी करता है तो क्षेत्रवासी माननीय न्यायालय की शरण में जाने को मजबूर होंगे।

