पिछले कुछ सालों से लगभग सभी फिल्मों और खासकर वेब सीरीज़ में मर्यादाओं के सारे बांध टूट चुके हैं दृश्यों और संवादों में असभ्यता और अश्लीलता अपने चरम पर है सम्प्रेषण के सबसे सशक्त माध्यम जो समाज को सबसे तीव्रता से प्रभावित करता है वो पूर्णतः निरंकुश होकर हमारी संस्कृति को भेद रहा है छेद रहा है तार तार कर रहा है और हम सब तमाशबीन बनकर खड़े हैं।
देश पर आज तक का सबसे घातक आक्रमण !नहीं संभले तो बर्बादी से बचना असंभव !

