छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अब गर्मी अपने सबसे खतरनाक रूप में नजर आने लगी है। जिले का तापमान 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और तेज धूप के साथ चल रही गर्म हवाओं ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है।
भीषण गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है और लोगों से खास सावधानी बरतने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है, इसलिए लापरवाही भारी पड़ सकती है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि दोपहर के समय बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें। खासकर दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सीधे धूप में जाने से परहेज करें क्योंकि यही समय सबसे ज्यादा खतरनाक माना जा रहा है।
डॉक्टरों ने कहा है कि शरीर में पानी की कमी बिल्कुल न होने दें। प्यास न लगने पर भी लगातार पानी पीते रहें। इसके साथ ही ओआरएस घोल, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें ताकि शरीर का तापमान नियंत्रित रहे।
भीषण गर्मी और लू से निपटने के लिए जिला अस्पताल दुर्ग में विशेष इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल में एक स्पेशल हीट स्ट्रोक रूम तैयार किया गया है, जहां गंभीर मरीजों को तुरंत राहत देने के लिए दो विशेष टब लगाए गए हैं।
इसके अलावा मरीजों के शरीर का तापमान तेजी से कम करने के लिए छह बेड का फुली एसी चिलर रूम भी बनाया गया है, ताकि लू की चपेट में आए मरीजों का तुरंत इलाज किया जा सके।
डॉक्टरों ने खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों का ध्यान रखने की सलाह दी है क्योंकि इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा इन्हीं लोगों को होता है। हल्की तबीयत बिगड़ने पर भी तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर डॉक्टरों से संपर्क करने की अपील की गई है।
गर्मी का ये दौर अभी और कठिन हो सकता है… ऐसे में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है।

