दुर्ग पुलिस की बड़ी साइबर कार्रवाई, म्यूल अकाउंट सप्लायर गिरोह का भंडाफोड़

दुर्ग पुलिस द्वारा लगातार साइबर फ्रॉड, म्यूल अकाउंट होल्डर्स
और बैंक अकाउंट सप्लायर्स के खिलाफ सख्त अभियान चलाया जा रहा है।
इसी कड़ी में थाना पदमनाभपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है।

मामला दिनांक तीस दिसंबर दो हजार पच्चीस का है,
जब थाना पदमनाभपुर में एक प्रार्थी ने लिखित आवेदन देकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
प्रार्थी ने बताया कि उसकी मोबाइल दुकान में
अमित मिश्रा नामक युवक मोबाइल रिपेयरिंग का काम करता था,
जिसके माध्यम से उसकी पहचान
बोरसी दुर्ग निवासी लोकेश जाधव उर्फ लक्की से हुई।

कुछ समय पहले लोकेश जाधव ने प्रार्थी को यह कहकर
अपने झांसे में लिया कि उसके भाई टवन का बाहर से पैसा आने वाला है,
लेकिन उसके पास फिलहाल कोई बैंक खाता नहीं है।
इसके बदले उसने हर बैंक खाते के लिए
बीस हजार रुपये देने का लालच दिया।

प्रलोभन में आकर प्रार्थी ने
एक्सिस बैंक महाराजा चौक ब्रांच
और आईडीबीआई बैंक कुम्हारी ब्रांच के अपने खाते
आरोपी लोकेश जाधव को सौंप दिए।
कुछ दिनों बाद जब प्रार्थी का आईडीबीआई बैंक खाता फ्रीज हो गया,
तो उसे पूरे मामले की गंभीरता का एहसास हुआ
और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

थाना पदमनाभपुर में एफआईआर दर्ज कर
पुलिस ने विवेचना शुरू की।
एफआईआर की जानकारी मिलते ही
मुख्य आरोपी लोकेश जाधव
बस के जरिए कल्याण, महाराष्ट्र भागने की फिराक में था,
जिसे दुर्ग बस स्टैंड से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी की तलाशी लेने पर
उसके कब्जे से अन्य व्यक्तियों के
तैंतीस एटीएम और क्रेडिट कार्ड,
पंद्रह चेकबुक,
नौ पासबुक
और बारह सिम कार्ड बरामद किए गए।

पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि
वह अपने बड़े भाई टवन कुमार जाधव के साथ मिलकर
म्यूल अकाउंट सप्लाई का काम करता था।
आरोपी की निशानदेही पर
पुलिस ने प्रगति मैदान बोरसी स्थित
टवन कुमार जाधव के घर दबिश दी,
जहां से और भी बैंक दस्तावेज जब्त किए गए।

घर की तलाशी के दौरान
अट्ठाईस एटीएम और क्रेडिट कार्ड,
आठ चेकबुक,
आठ पासबुक
और चार सिम कार्ड बरामद किए गए।
पूछताछ में टवन जाधव ने
अन्य सहयोगियों के साथ मिलकर
बैंक खातों की सप्लाई करना स्वीकार किया।

इस पूरे मामले में पुलिस ने
विनय सिंह सेंगर,
राजू गायकवाड
और अमित मिश्रा को भी गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के पास से कुल
अठहत्तर एटीएम और क्रेडिट कार्ड,
इक्कीस चेकबुक,
अठारह पासबुक
और सोलह अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड जब्त किए गए हैं।

फिलहाल थाना पदमनाभपुर पुलिस
मामले की एंड-टू-एंड विवेचना कर रही है
और इस गिरोह से जुड़े
अन्य लोगों की गिरफ्तारी की संभावना जताई जा रही है।
जांच लगातार जारी है।

By editor