दुर्ग पुलिस की बड़ी पहल, सशक्त ऐप अब आम जनता के लिए भी खुला

चोरी के वाहन और अपराध में इस्तेमाल होने वाले संदिग्ध वाहनों पर अब दुर्ग पुलिस की नजर और भी मजबूत हो गई है।
दुर्ग पुलिस द्वारा विकसित सशक्त ऐप के जरिए अब तक सैकड़ों चोरी की गाड़ियों को ट्रेस कर रिकवर किया जा चुका है।
अब इस तकनीक को आम जनता के लिए भी खोल दिया गया है, जिससे पुलिस और नागरिक मिलकर अपराध रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकेंगे।

दुर्ग में इसी उद्देश्य से सशक्त पब्लिक मॉड्यूल कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में दुर्ग रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग, पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल सहित रेंज के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान दुर्ग पुलिस द्वारा सशक्त ऐप को लेकर एक विस्तृत कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें पुलिस अधिकारियों ने ऐप की कार्यप्रणाली और उपयोग की पूरी जानकारी दी।
आईजी राम गोपाल गर्ग ने बताया कि अब तक सशक्त ऐप का उपयोग केवल पुलिसकर्मी ही कर रहे थे, लेकिन अब इसे पब्लिक के लिए भी ओपन कर दिया गया है।

उन्होंने बताया कि आम नागरिक अपने मोबाइल फोन में सशक्त ऐप डाउनलोड कर खुद को रजिस्टर कर सकते हैं।
इसके बाद यदि सड़क पर चलता हुआ कोई भी वाहन संदिग्ध प्रतीत होता है, तो ऐप में वाहन का नंबर डालकर यह जांचा जा सकता है कि वह वाहन चोरी का है या नहीं।

यदि ऐप के माध्यम से यह पुष्टि होती है कि वाहन चोरी का है, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दी जा सकती है।
इससे पुलिस को चोरी के वाहन को जल्द रिकवर करने में मदद मिलेगी और अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सकेगा।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सशक्त ऐप के उपयोग से न सिर्फ चोरी के वाहन पकड़े जा सकेंगे, बल्कि अपराध की घटनाओं को भी पहले ही रोका जा सकेगा।
दुर्ग पुलिस की यह पहल तकनीक के माध्यम से कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को सुरक्षा व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

By editor