दुर्ग जिले के टेमरी गांव में 20 सितंबर को मिली अज्ञात महिला की लाश के मामले का खुलासा पुलिस ने कर दिया है।
नाले किनारे पत्थर से कुचले शव की पहचान गंगोत्री जांगड़े के रूप में हुई, जो मूलतः ग्राम दादर की रहने वाली और वर्तमान में पोटिया चौक, दुर्ग में रहती थी।
जांच में सामने आया कि गंगोत्री सरकारी नौकरी दिलाने वाले ठगों और पीड़ितों के बीच मीडियेटर के रूप में काम करती थी।
कई महीनों तक पैसे लेने के बाद भी जब किसी की नौकरी नहीं लगी, तो गंगोत्री ने आरोपियों को चेतावनी दी कि यदि 20 सितंबर तक साक्षात्कार नहीं हुआ तो वह शिकायत करेगी।
इसी डर से आरोपियों ने गंगोत्री की हत्या की साजिश रची।
मुख्य आरोपी ने अपने साथी निर्भय जांगड़े को एक लाख रुपए देकर हत्या के लिए तैयार किया।
19 सितंबर की रात ढाबे ले जाने के बहाने गंगोत्री को टेमरी लाया गया, जहां बेल्ट और चुनरी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई।
पहचान छुपाने के लिए चेहरे को पत्थर से कुचल दिया गया और जेवर व मोबाइल लूटकर आरोपी फरार हो गए।
पुलिस ने हत्या में शामिल निर्भय जांगड़े, मनीष बंजारे, जयदीप साहू, पवन सिंह, हेमलता बंजारे और एक नाबालिग को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
बाकी फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

