दुर्ग जिले के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले कलेक्ट्रेट परिसर में चोरी की दुस्साहसी वारदात ने पूरे प्रशासनिक अमले को हिला दिया है।
देर रात अज्ञात चोर कलेक्ट्रेट परिसर में दाखिल हुए और सबसे पहले लोक सेवा केंद्र यानी आधार केंद्र का ताला तोड़ दिया। यहां से करीब 6 से 7 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए गए, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि वहां रखी करीब 7 लाख रुपये की मशीनों को चोरों ने हाथ तक नहीं लगाया।
इसके बाद चोरों ने सामने स्थित ज्वाइंट डायरेक्टर, अकाउंट ट्रेजरी और पेंशन कार्यालय का ताला तोड़ा। अंदर घुसकर फाइलें खंगालीं और सामान बिखेर दिया। बताया जा रहा है कि बाहर ‘कोष’ लिखा होने के कारण चोरों को वहां नकदी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उन्हें कुछ हाथ नहीं लगा।
यह वारदात इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि इसी परिसर में कलेक्टर, डीआईजी और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के दफ्तर मौजूद हैं।
अब सिटी कोतवाली पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। लेकिन सवाल बड़ा है — जब जिले का सबसे सुरक्षित परिसर सुरक्षित नहीं, तो आम लोगों की सुरक्षा कितनी मजबूत है?

