यह तेरा लहू एक अमृत है, चलो करें हम महा पुण्य करके रक्त का दान ऐसे उमंग, उत्साह से भरे गीतों के साथ इस्पात एवं शिक्षा नगरी मिनी इंडिया भिलाई के सेक्टर-7 स्थित राजयोग भवन में विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय रक्तदान महाअभियान का भव्य आयोजन किया गया।
यह आयोजन अंतर्राष्ट्रीय संस्था प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि जी की 18वीं पुण्यतिथि की स्मृति में किया गया।
जिनके मधुर शिक्षाएं निम्मित, निर्माण और निर्मल वाणी जो कि दादी जी के जीवन से प्रतीत होती थी, दादी प्रकाशमणि जी ने विश्व के पांचो महाद्वीपों में भारतीय संस्कृति राजयोग का प्रकाश फैलाया। इस रक्तदान महा अभियान का हिस्सा बने इसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, पुलिस अधिकारी एवं ब्रह्माकुमारी बहनें व भाईयों ने उपस्थिति दर्ज कराई एवं रक्तदान कर मानवता की मिसाल प्रस्तुत की। ब्रह्माकुमारीज एवं राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन (RE&RF) के समाज सेवा प्रभाग द्वारा सम्पूर्ण भारत के 6000 से अधिक सेवाकेंद्रों पर एक लाख यूनिट से अधिक रक्तदान कर इसे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज करने का लक्ष्य रखा था फिलहाल आंकड़े आना बच्चा है परंतु सेक्टर 7 के राजयोग केंद्र में 200 यूनिट का लक्ष्य रखा गया था जो 280 तक पहुंच गया
अतिथियों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि – “विश्व की सबसे बड़ी नारी शक्ति द्वारा संचालित यह संगठन, एकता और आध्यात्मिक निस्वार्थ सेवा की शक्ति से असंभव को संभव कर रही है।
ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने कहा
“यह रक्तदान केवल जीवन बचाने का प्रयास नहीं है, बल्कि समाज में मानवता, बंधुत्व और निस्वार्थ सेवा की भावना को सशक्त करने का माध्यम है। आपने ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ की भावना के साथ सभी को इस महाअभियान को सफल कर रक्तदान करने वाले समस्त रक्तदाताओं के प्रति हृदयपूर्वक आभार प्रकट किया।

