डीजीपी ने पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक ली

भिलाई। छत्तीसगढ़ के डीजीपी अरुणदेव गौतम ने भिलाई प्रवास के दौरान दुर्ग पुलिस के आला अधिकारियों की बैठक ली और कई मुद्दों पर चर्चा हुई। डीजीपी अरुण देव ने इस दौरान जिले में क्राइम कंट्रोल को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विशेषकर जिले में बढ़ रहे अपराधों को लेकर अफसरों को विशेष सतर्कता बरतने व प्रभावी उपाय करने की सलाह दी। इस बीच मीडिया से चर्चा के दौरान दुर्ग में दो दिन पहले मासूम से दुष्कर्म व हत्या को लेकर कहा कि पुलिस का काम न्याय करना है।
दुर्ग जिले में इन दिनों क्राइम का ग्राफ काफी बढ़ गया है। दो दिन पहले मासूम से दुष्कर्म व उसकी हत्या का मामला सुलझा नहीं कि फिर एक घटना सामने आई। इस बार मुकबधिर बच्ची से दुष्कर्म का प्रयास हुआ। दो दिन में दो बड़ी घटनाओं के बाद प्रदेश के डीजीपी को लॉ एंड आर्डर की की समीक्षा के लिए दुर्ग आना पड़ा। पुलिस कंट्रोल रूम में डीजीपी अरुण देव गौतम ने अफसरों की बैठक ली। इस दौरान आईजी रामगोपाल गर्ग एसपी जितेन्द्र शुक्ला सहित जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी व थानों के प्रभारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान डीजीपी अरुण देव गौतम ने दुर्ग जिले में क्राइम कंट्रोल को लेकर विशेष दिशा निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने पेंडिंग मामलों से लेकर बढ़ते अपराध को नियंत्रित करने अधिकारियों को निर्देश दिया। डीजीपी ने क्राइम कंट्र्रोल पर चर्चा कर सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया। अपराध नियंत्रण को लेकर डीजीपी ने सभी थानों की जिम्मेदारी की सराहना की और इसे और बेहतर तरीके से करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
बैठक के बाद डीजीपी ने मीडिया से चर्चा की। उन्होंने दुर्ग में मासूम के साथ दुष्कर्म व हत्या को लेकर पुलिस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि न्याय दिलाना हमारा काम है और इस मामले में दुर्ग पुलिस ने बेहतर काम किया है। इस बीच डीजीपी ने नशाखोरी को लेकर भी बात की और इस पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर चर्चा की। डीजीपी अरुण देव से जब महादेव ऐप सट्‌टा को लेकर बात की गई तो उन्होंने टाल दिया। डीजीपी छावनी थाने भी पहुंचे लेकिन वहां लाइट नहीं होने की वजह से वह वापस भिलाई नगर थाने पहुंचे यहां उन्होंने थाने का निरीक्षण भी किया और उपस्थित पुलिस कर्मचारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भीदिए।

By editor