नगर निगम भिलाई की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है।
यह हम नहीं कह रहे, बल्कि नगर निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 15 के पार्षद संतोष मौर्य खुद यह आरोप लगा रहे हैं कि निगम के पास गाड़ियों में डीजल डलवाने तक के पैसे नहीं हैं।
दरअसल मामला तब सामने आया, जब वार्ड 15 में एक शादी समारोह आयोजित था।
समारोह के लिए स्थानीय नागरिकों ने पार्षद संतोष मौर्य से वॉटर टैंकर की मांग की।
पार्षद ने जब नगर निगम से संपर्क किया, तो उन्हें जो जवाब मिला, उसने पूरे सिस्टम की पोल खोल दी।
नगर निगम से साफ कहा गया कि
“वॉटर टैंकर की गाड़ी में डीजल नहीं है, इसलिए गाड़ी नहीं भेजी जा सकती।”
इस जवाब से आहत और नाराज़ पार्षद संतोष मौर्य ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया।
उन्होंने अपने ही वार्ड के साई मंदिर के सामने बैठकर भीख मांगना शुरू कर दिया।
हैरानी की बात यह रही कि पार्षद के इस प्रतीकात्मक विरोध को लोगों का समर्थन भी मिला।
स्थानीय नागरिकों ने पार्षद को भीख में पैसे दिए, ताकि उन पैसों से गाड़ी में डीजल डलवाया जा सके और वार्ड में पानी की आपूर्ति की जा सके।
पार्षद संतोष मौर्य का कहना है कि
नगर निगम की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि
अब जनप्रतिनिधियों को भी जनता से भीख मांगकर
अपने ही वार्ड की बुनियादी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं।
सवाल यह है कि
जिस नगर निगम पर करोड़ों का बजट होता है,
वह आज डीजल के पैसे तक को मोहताज कैसे हो गया?
यह घटना न सिर्फ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाती है,
बल्कि यह भी दिखाती है कि आम जनता और जनप्रतिनिधि
किस हालात में काम करने को मजबूर हैं।

