दुर्ग जिले के थाना नेवई क्षेत्र स्थित जैन मंदिर रिसाली में हुई चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक विजय अग्रवाल के निर्देश पर एसीसीयू और थाना नेवई की संयुक्त टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और आरोपी की तलाश शुरू की। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सायबर टीम की मदद से आरोपी के घर तक पहुँच बनाई।
पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी यशवंत उपाध्याय को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने चोरी की वारदात कबूल की। जांच में सामने आया कि यशवंत 2011-12 में मारपीट के मामले में जेल गया था और वहीं उसकी मुलाकात चोरों से हुई। जेल से छूटने के बाद उसने मंदिरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया।
आरोपी चोरी से पहले मंदिर की रेकी करता, फिर जुपिटर स्कूटर से जाकर कपड़े बदलकर वारदात को अंजाम देता था। चोरी के बाद गली-मोहल्लों के रास्तों से निकलता ताकि कैमरों में कैद न हो सके। आरोपी अब तक 10 मंदिरों में चोरी करना स्वीकार कर चुका है।
इस गिरफ्तारी में नागरिकों की मदद से लगे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरों का बड़ा योगदान रहा। पुलिस ने कहा है कि जागरूक नागरिकों के सहयोग से ही इस तरह की वारदातों को रोका जा सकता है।

