अगर आपको लगता है कि सिर्फ फिल्मों में ही पुलिस और अपराधियों के बीच हाईस्पीड चेज़ देखने को मिलती है… तो दुर्ग पुलिस का ये ऑपरेशन सुनकर आप भी कहेंगे… “ये तो पूरी फिल्म है!”
दुर्ग और भिलाई के नेहरू नगर इलाके में करोड़ों की चोरी कर पुलिस की नींद उड़ाने वाला अंतरराज्यीय मास्टरमाइंड नासिर हुसैन आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ चुका है… लेकिन उसकी गिरफ्तारी की कहानी किसी ब्लॉकबस्टर मूवी से कम नहीं।
नासिर इतना शातिर था कि चोरी के बाद दिल्ली की घनी बस्तियों शाहीन बाग और मदनपुर खादर में जाकर छिप गया। इलाके की तंग गलियां, हजारों घर और लगातार बदलते ठिकाने… पुलिस के लिए ये मिशन बेहद मुश्किल था। लेकिन दुर्ग पुलिस ने हार नहीं मानी।
पुलिस टीम ने पहले अंडरकवर ऑपरेशन शुरू किया। जवानों ने बकरा व्यापारियों के बीच रहकर कई दिनों तक इलाके की रेकी की… बाजार में बकरे तक बेचे… लेकिन जब तब भी सुराग नहीं मिला, तो पुलिस ने नया दांव खेला।
हाथ में फाइलें लेकर टीम जनगणना अधिकारी बन गई… और घर-घर जाकर जानकारी जुटाने लगी। करीब 15 दिनों की मेहनत के बाद आखिरकार नासिर का सटीक ठिकाना पुलिस के हाथ लग गया।
लेकिन जैसे ही नासिर को भनक लगी… वो अपनी नई चमचमाती किआ सेल्टॉस लेकर बिहार की ओर भाग निकला। एक्सप्रेस-वे पर उसकी कार 150 से 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही थी।
मगर इस बार दुर्ग पुलिस भी पूरी तैयारी में थी। पुलिस ने करीब 300 किलोमीटर तक फिल्मी अंदाज में पीछा किया… और आखिरकार आगरा रोड पर घेराबंदी कर नासिर को धर दबोचा।
पूछताछ में आरोपी ने साल 2019 से मध्यप्रदेश, चंडीगढ़ और छत्तीसगढ़ में कई बड़ी चोरियों को अंजाम देना कबूल किया है। पुलिस ने उसके पास से 7 लाख रुपये का डायमंड ब्रेसलेट, चोरी के पैसों से खरीदी गई कार, नगदी, सोने-चांदी के सिक्के और लाखों रुपये के नए कपड़े-साड़ियां बरामद की हैं। कुल जब्ती करीब 20 लाख रुपये की बताई जा रही है।
इससे पहले भी दुर्ग police उसके दो साथियों को 450 ग्राम सोने और करीब 60 लाख रुपये के माल के साथ गिरफ्तार कर चुकी है। अब मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी के बाद पुलिस इस पूरे गैंग के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।
दुर्ग पुलिस का साफ संदेश है…
अपराधी चाहे कितनी भी तेज रफ्तार से भागे… कानून की पकड़ और पुलिस की सूझबूझ उससे हमेशा आगे रहती है।

