पूर्व प्रधानमंत्री भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वीं जयंती के अवसर पर दुर्ग में एक विशेष और भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
यह आयोजन सेवा पखवाड़े के अंतिम दिन सुशासन दिवस के रूप में मनाया गया, जिसमें अटल जी के विचारों और उनके सुशासन की विरासत को याद किया गया।
इस अवसर पर दुर्ग शहर के सुवा चौक पर नवनिर्मित अटल परिसर का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के मुख्यमंत्री वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए और उन्होंने विधिवत रूप से अटल परिसर का लोकार्पण कर दुर्गवासियों को यह सौगात दी।
कार्यक्रम में दुर्ग सांसद विजय बघेल बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। वहीं लोकार्पण अवसर पर दुर्ग नगर निगम की महापौर अलका बाघमार, एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में शहरवासी मौजूद रहे।
इस मौके पर भारतरत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई जी की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि सुशासन, राष्ट्रवाद और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रतीक थे। उनकी स्मृति में पूरे प्रदेश में अटल परिसरों का विकास किया जा रहा है, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों, आदर्शों और सुशासन के सिद्धांतों से प्रेरणा ले सकें।
वक्ताओं ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेई जी का जीवन राष्ट्र सेवा, राजनीति में शुचिता और आम जनता के कल्याण को समर्पित रहा। अटल परिसर न केवल एक स्मारक होगा, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का भी केंद्र बनेगा।
वहीं इस अवसर पर दुर्ग नगर निगम महापौर अलका बाघमार ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि जो चौक अब तक सुवा चौक के नाम से जाना जाता था, वह अब अटल चौक के नाम से पहचाना जाएगा। उन्होंने कहा कि यह दुर्ग शहर के लिए गर्व का क्षण है कि अटल जी की स्मृति को स्थायी रूप दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान अटल जी के योगदान को याद करते हुए उनके विचारों पर चलने और सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी लिया गया।
अटल बिहारी वाजपेई जी की 101वीं जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ एक श्रद्धांजलि था, बल्कि उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संदेश भी देता नजर आया।

