भिलाई से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस ने ऑनलाइन सट्टा के एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है।
मामला हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र के नालंदा स्कूल के पीछे स्थित सुंदर विहार कॉलोनी फेस-2 का है, जहां एक किराए के मकान में लंबे समय से अवैध सट्टा संचालन की शिकायत मिल रही थी।
सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जब मौके पर दबिश दी, तो अंदर का नजारा चौंकाने वाला था। आरोपी अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे।
जांच में सामने आया कि गिरोह द्वारा ड्रैगन टाइगर, अंदर-बाहर, तीन पत्ती, टेनिस, फुटबॉल और रूलेट जैसे खेलों पर सट्टा खिलाया जा रहा था।
सट्टा कारोबार को बढ़ाने के लिए आरोपी इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे। ग्राहकों को जोड़कर उन्हें विशेष आईडी दी जाती थी, जिसके जरिए वे ऑनलाइन दांव लगाते थे।
इतना ही नहीं, मोबाइल और लैपटॉप के जरिए पूरे नेटवर्क को संचालित किया जा रहा था, जबकि अलग-अलग सिम कार्ड और म्यूल बैंक खातों का इस्तेमाल कर लेन-देन को छिपाने की कोशिश की जाती थी।
गिरोह की खास बात यह थी कि इसमें हर सदस्य को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई थी, जिससे यह अवैध कारोबार तकनीकी रूप से बेहद संगठित तरीके से संचालित हो सके।
पुलिस ने मौके से एक लाख रुपये नगद, 7 बैंक पासबुक, 16 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड, एक लैपटॉप, वाई-फाई उपकरण, लेन-देन से जुड़े रजिस्टर और एक पासपोर्ट जब्त किया है।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 6, 7 और 8 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है।
प्रारंभिक जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस गिरोह के जरिए रोजाना 3 लाख से 7 लाख रुपये तक का लेन-देन किया जा रहा था, और पूरे नेटवर्क का अवैध कारोबार करोड़ों रुपये तक फैला हुआ है।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों और इसके विस्तार की जांच में जुटी हुई है।

