दुर्ग में विद्या मितान और अतिथि शिक्षकों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। शिक्षा मंत्री के कार्यालय सेवा सदन के बाहर शिक्षक, महिला शिक्षिकाएं और उनके छोटे-छोटे बच्चे पूरी रात खुले आसमान के नीचे डटे रहे।
बारिश, मच्छरों और सांप-बिच्छू के डर के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों से पीछे नहीं हटे। रातभर भजन-कीर्तन के बीच आंदोलन जारी रहा। वनांचल क्षेत्रों से आई कई महिला शिक्षक भी बच्चों के साथ धरना स्थल पर मौजूद रहीं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद संघर्ष करती नजर आईं।
शिक्षकों की मांग है कि उनका नियमितीकरण किया जाए और समान काम के बदले समान वेतन दिया जाए। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में 20 हजार रुपये के मानदेय में परिवार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
आंदोलन का आज 21वां दिन है। जिला शिक्षा विभाग की ओर से समझाइश की कोशिश की गई, लेकिन शिक्षक लिखित आश्वासन मिलने तक आंदोलन समाप्त करने को तैयार नहीं हैं। प्रदर्शन के चलते मुख्य सड़क पर भी यातायात प्रभावित रहा।

